कोटा-झालावाड़ हाईवे पर भीषण हादसा: तेज रफ्तार निजी बस ने सरसों से लदे ट्रक को पीछे से मारी जोरदार टक्कर, कंडक्टर समेत 7 यात्री घायल; ड्राइवर फरार
कोटा-झालावाड़ हाईवे पर सुकेत के पास तड़के करीब 4 बजे तेज रफ्तार निजी बस ने आगे चल रहे सरसों से लदे ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। बस का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में कंडक्टर समेत 7 यात्री घायल हुए, जिनमें विभिन्न शहरों के लोग शामिल हैं। घायलों को झालावाड़ अस्पताल ले जाया गया। बस ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस जांच कर रही है।
राजस्थान के कोटा-झालावाड़ मार्ग पर एक बार फिर सड़क हादसे ने दहशत फैला दी। सुकेत थाना क्षेत्र में तड़के करीब 4 बजे निजी बस ने तेज रफ्तार में आगे चल रहे सरसों से भरे एक ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर में बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कंडक्टर सहित कुल 7 यात्री घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए झालावाड़ अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे का विवरण
सुकेत थाना के एएसआई झाबर सिंह ने बताया कि झालावाड़ से कोटा की ओर आ रही निजी बस सुकेत के पास पहुंची ही थी कि अचानक उसका बैलेंस बिगड़ गया। बस सड़क किनारे चल रहे सरसों से लदे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के सामने का हिस्सा बुरी तरह चकनाचूर हो गया। उस समय बस में सवार ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे, जिस वजह से हादसे के बाद अचानक चीख-पुकार मच गई और सभी घबरा उठे।
घायलों में शामिल हैं: बाड़मेर निवासी रमेश,लखनऊ निवासी प्राची भार्गव,नई दिल्ली निवासी संगीता,इंदौर निवासी डॉ. सुनील पटेल,कोटा निवासी श्रेयांश,मध्य प्रदेश के खरगोन निवासी संजय श्राप,कृष्णा,ये सभी यात्री विभिन्न शहरों से थे, जो संभवतः कोटा या आसपास के इलाकों की यात्रा कर रहे थे।
मौके पर पहुंची पुलिस और राहत कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही सुकेत पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और 108 एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को हाईवे एम्बुलेंस और 108 की मदद से झालावाड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, अधिकांश घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन कुछ की चोटें गंभीर हैं।हादसे के बाद बस का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। हाईवे क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटाया गया और यातायात को बहाल कर दिया गया।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा कोटा-झालावाड़ हाईवे पर हाल के महीनों में हुए कई सड़क हादसों की कड़ी में एक और उदाहरण है। तेज रफ्तार, नींद में ड्राइविंग और वाहनों की देखभाल की कमी जैसे कारकों को अक्सर जिम्मेदार ठहराया जाता है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।