गरीबी से IPL तक: भरतपुर के कार्तिक शर्मा की संघर्षपूर्ण सफलता की कहानी
राजस्थान के भरतपुर के 19 साल के विकेटकीपर-बल्लेबाज कार्तिक शर्मा को IPL 2026 मिनी ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने 14.20 करोड़ रुपये में खरीदा, जो अनकैप्ड खिलाड़ी के लिए संयुक्त रूप से सबसे महंगी बोली है। गरीब परिवार से आने वाले कार्तिक के पिता ने दुकान बेची और कर्ज लिया ताकि बेटा क्रिकेट खेल सके। अब कार्तिक महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलेंगे और भरतपुर में जश्न का माहौल है।
राजस्थान के भरतपुर जिले के दारापुर इलाके से आने वाले 19 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज कार्तिक शर्मा ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मिनी ऑक्शन में इतिहास रच दिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने उन्हें उनकी बेस प्राइस 30 लाख रुपये से करीब 47 गुना ज्यादा यानी 14.20 करोड़ रुपये में खरीदा। यह रकम उन्हें IPL इतिहास के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ियों में से एक बना देती है (प्रशांत वीर के साथ संयुक्त रूप से)। अब कार्तिक महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम में खेलेंगे, जहां वे धोनी और संजू सैमसन जैसे दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करेंगे।ऑक्शन के दौरान कार्तिक के लिए KKR, SRH और LSG सहित कई टीमों के बीच जबरदस्त बोली लगी। आखिरकार CSK ने बाजी मार ली। इस खरीदारी के बाद भरतपुर में जश्न का माहौल है – लोग पटाखे फोड़ रहे हैं, मिठाइयां बांट रहे हैं और कार्तिक के घर पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
गरीब परिवार से निकला 'छक्कों का बादशाह' कार्तिक का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। उनके पिता मनोज शर्मा प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाकर घर चलाते हैं। मां राधा शर्मा गृहिणी हैं। कार्तिक के दो छोटे भाई हैं – 15 साल का प्रिंस (जो कोटा में पढ़ता है) और 13 साल का अनमोल (जो दोनों हाथों से बॉलिंग करता है और क्रिकेट खेलता है)।पिता मनोज ने बेटे के क्रिकेट के सपने को पूरा करने के लिए अपनी कोल्ड ड्रिंक और पानी की बोतलों की सप्लाई की दुकान बेच दी। इसके अलावा 27 लाख रुपये का कर्ज भी लिया। उन्होंने कार्तिक के लिए बॉलिंग मशीन और 500 गेंदें खरीदीं, ताकि वह रोजाना 150 किमी/घंटा की रफ्तार वाली गेंदों पर सिक्स मारने की प्रैक्टिस कर सके। पिता खुद हर दिन बेटे को प्रैक्टिस करवाते थे, क्योंकि उन्हें यकीन था कि कार्तिक एक दिन बड़ा खिलाड़ी बनेगा।कार्तिक खुद भी घर चलाने में हाथ बंटाते थे। वह अपनी क्रिकेट किट और खर्चों के लिए ट्यूशन पढ़ाया करते थे। छोटी-छोटी मजदूरी करके पिता पैसे जुटाते और बेटे को कभी क्रिकेट से नहीं रोका।भरतपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) के सचिव शत्रुघ्न तिवारी बताते हैं, "कार्तिक बेहद गरीब परिवार से है। वह पेट्रोल पंप के पास रहता है। लेकिन उसकी मेहनत और टैलेंट देखकर हमने उसे सपोर्ट किया। वह अटैकिंग बल्लेबाज है, टी-20 फॉर्मेट के लिए परफेक्ट। प्रैक्टिस में वह मशीन पर हर गेंद पर सिक्स मारने की सोच रखता है।"
क्रिकेट करियर की शुरुआत और प्रदर्शन कार्तिक ने 2014 में DCA में कदम रखा। तब से उन्होंने लगातार प्रगति की:अंडर-14 और अंडर-16 स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। अंडर-19 में राजस्थान टीम के कप्तान बने। इंडिया-C टीम के लिए भी खेल चुके हैं। हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) 2025-26 में राजस्थान के लिए शानदार प्रदर्शन किया, जहां उनकी पावर हिटिंग ने सबका ध्यान खींचा। कुल टी-20 मैचों में उनका स्ट्राइक रेट 164 से ऊपर है, और वह लोअर ऑर्डर में विस्फोटक फिनिशर के रूप में जाने जाते हैं। रणजी ट्रॉफी में डेब्यू मैच में ही सेंचुरी ठोकी। कोचों के अनुसार, कार्तिक की बल्लेबाजी में क्लीन हिटिंग और निडरता है। रविचंद्रन अश्विन और केविन पीटरसन जैसे दिग्गज उनके वीडियो देखकर प्रभावित हो चुके हैं। वह हर गेंद पर छक्का मारने की क्षमता रखते हैं, जो टी-20 क्रिकेट में बेहद कीमती है।
अब CSK में नई शुरुआत CSK ने कार्तिक के अलावा प्रशांत वीर को भी 14.20 करोड़ में खरीदा, जो युवा टैलेंट पर टीम के भरोसे को दिखाता है। कार्तिक अब धोनी के मार्गदर्शन में खेलेंगे, जो उनके करियर के लिए बड़ा मौका है। DCA सचिव तिवारी कहते हैं, "कार्तिक न सिर्फ भरतपुर, बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन करेगा। मुझे पूरा यकीन है कि IPL में वह पूरे देश को अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित करेगा।"