बालोतरा के जीतेन्द्र परमार ने UPSC परीक्षा में हासिल की 287वीं रैंक, क्षेत्र में छाया गर्व का माहौल
बालोतरा (बाड़मेर, राजस्थान) के जीतेन्द्र परमार (पुत्र मोतीलाल परमार, प्रजापत) ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 287वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों से उन्होंने यह मुकाम प्राप्त किया, जिससे स्थानीय युवाओं में जोश और प्रेरणा का माहौल है। यह सफलता ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा उदाहरण बनी है।
बालोतरा (बाड़मेर), राजस्थान: बालोतरा जिले के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले जीतेन्द्र जी पुत्र मोतीलाल जी परमार (प्रजापत) ने केंद्रीय लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 287वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार और बालोतरा बल्कि पूरे मारवाड़ क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि हाल ही में घोषित UPSC सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों में सामने आई है, जहां उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों से यह मुकाम हासिल किया।
जीतेन्द्र परमार का जन्म और पालन-पोषण बालोतरा के एक सामान्य परिवार में हुआ। उनके पिता मोतीलाल जी परमार एक मेहनती व्यक्ति हैं, जिन्होंने हमेशा अपने बच्चों को शिक्षा और अच्छे मूल्यों की ओर प्रेरित किया। प्रजापत (कुम्हार) समाज से आने वाले जीतेन्द्र ने बचपन से ही पढ़ाई में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने स्थानीय स्तर पर अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और उच्च शिक्षा के लिए विभिन्न संसाधनों का उपयोग करते हुए UPSC की तैयारी में जुट गए।
UPSC जैसी सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करना आसान नहीं होता। जीतेन्द्र ने वर्षों की अथक मेहनत, नियमित अध्ययन, मॉक टेस्ट, करंट अफेयर्स पर गहन फोकस और मेंटल स्ट्रेंथ के दम पर यह सफलता हासिल की। उनकी रणनीति में self-study, ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग और मेंटरशिप का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कभी हार नहीं मानी और असफलताओं से सीखते हुए आगे बढ़ते रहे।
इस सफलता की खबर मिलते ही बालोतरा शहर में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय निवासी, परिवारजन, शिक्षक, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जीतेन्द्र परमार को बधाई दी। लोग कह रहे हैं कि यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए एक जीता-जागता उदाहरण है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाला कोई भी व्यक्ति कड़ी लगन से देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पदों तक पहुंच सकता है।
जीतेन्द्र की यह सफलता विशेष रूप से प्रजापत समाज और बालोतरा-बाड़मेर क्षेत्र के युवाओं को प्रेरित कर रही है। कई युवा अब UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में और अधिक उत्साहित दिख रहे हैं। स्थानीय स्तर पर उनका सम्मान करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की योजना भी बन रही है।