जयपुर में ब्लैकमेलिंग के टॉर्चर से परेशान महिला ने की आत्महत्या: कमरे में फंदे से लटकी मिली, पड़ोसी ने ऐंठे 5 लाख से ज्यादा के कैश और सोने के गहने
जयपुर के सांगानेर में 37 वर्षीय महिला ने पड़ोसी द्वारा लगातार ब्लैकमेलिंग और टॉर्चर से तंग आकर 15 जनवरी को घर के कमरे में प्लास्टिक रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी ने महिला से 5 लाख से अधिक नकद और सोने के गहने ऐंठ लिए थे। परिजनों ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया, पुलिस जांच में जुटी। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
जयपुर के सांगानेर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ब्लैकमेलिंग के लगातार टॉर्चर से तंग आकर एक 37 वर्षीय महिला ने अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की पूरी जानकारी के अनुसार, महिला सांगानेर थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं। 15 जनवरी को उनके परिवार के सदस्य किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। दोपहर करीब 12 बजे महिला ने अपने कमरे में प्लास्टिक की रस्सी से फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया। जब परिजन घर लौटे तो गेट अंदर से लॉक मिला। उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया।
शक होने पर परिजनों ने धक्का देकर गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो महिला फंदे से लटकी हुई मिली। सूचना मिलते ही सांगानेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम की मदद से मौके से जरूरी सबूत जुटाए और शव को फंदे से उतारा। इसके बाद शव को महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मोर्चरी में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।पुलिस जांच में महिला के पास किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। ASI नरेश कुमार ने बताया कि महिला ने फंदे से आत्महत्या की है और मामले की जांच जारी है।
ब्लैकमेलिंग से ऐंठे लाखों रुपये और गहने
परिजनों ने गुरुवार रात सांगानेर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि पड़ोसी युवक द्वारा महिला को लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था। ब्लैकमेलिंग के जरिए आरोपी ने महिला से करीब 5 लाख रुपये से ज्यादा नकद और सोने के गहने ऐंठ लिए। आरोपी की ओर से बार-बार फोन कॉल्स किए जा रहे थे, जिससे महिला मानसिक रूप से काफी परेशान थी।
परिजनों को जब किसी परिचित के माध्यम से इस ब्लैकमेलिंग और टॉर्चर की पूरी बात पता चली, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 306 आईपीसी के तहत) का मामला दर्ज कर आरोपी पड़ोसी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।