जयपुर की सड़कों पर दौड़ीं 100 से ज्यादा विंटेज कारें: 'मिस्टर बीन' वाली मिनी से लेकर बुगाटी तक, दुनिया की पहली AC कार पैकार्ड ने मचाया धूम
जयपुर में 27वीं विंटेज एंड क्लासिक कार एग्जीबिशन और रैली में 100 से ज्यादा दुर्लभ कारें शहर की सड़कों पर दौड़ीं। इसमें 1929 की बुगाटी, दुनिया की पहली AC वाली 1941 पैकार्ड, गौतम सिंघानिया की 1951 जगुआर एक्सके 120 और 1973 पोंटिएक फायरबर्ड, साथ ही 'मिस्टर बीन' वाली 1963 मॉरिस मिनी जैसी खास कारें शामिल रहीं। दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ से आई ये रिस्टोर्ड कारें इंजीनियरिंग और सौंदर्य का शानदार नमूना बनीं, जिसने लोगों को मोहित कर दिया। क्लब की शुरुआत 10 कारों से हुई थी, अब यह संख्या 100 पार कर गई है।
जयपुर, 25 जनवरी 2026: गुलाबी नगर जयपुर रविवार को एक बार फिर विंटेज और क्लासिक कारों की शानदार परेड का गवाह बना। राजपूताना ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स कार क्लब (RASC) की ओर से आयोजित 27वीं विंटेज एंड क्लासिक कार एग्जीबिशन एंड ड्राइव में 100 से अधिक दुर्लभ और बेहद खूबसूरत कारें शहर की सड़कों पर दौड़ीं। दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई और राजस्थान के विभिन्न शहरों से ये ऐतिहासिक वाहन जयपुर पहुंचे, जिन्होंने न केवल कार प्रेमियों बल्कि आम लोगों का भी दिल जीत लिया।
यह आयोजन न सिर्फ एक रैली था, बल्कि ऑटोमोटिव इतिहास की जीवंत झलक भी पेश करता था। जहां एक तरफ इंजीनियरिंग का कमाल दिखाने वाली 1929 मॉडल की बुगाटी कार ने सबका ध्यान खींचा, वहीं दूसरी तरफ दुनिया की पहली एयर-कंडीशंड कार 1941 पैकार्ड ने तकनीकी इतिहास के पन्ने पलट दिए।
प्रमुख आकर्षण वाली कारें
1929 बुगाटी: मशहूर डिजाइनर एट्टोरे बुगाटी द्वारा बनाई गई यह कार उस दौर की इंजीनियरिंग और सौंदर्य का बेहतरीन उदाहरण है। हल्की लेकिन मजबूत बॉडी, हाथ से बने बारीक पार्ट्स और क्लासिक डिजाइन ने इसे रैली का सितारा बना दिया।
1941 पैकार्ड: यह कार ऑटोमोबाइल इतिहास में विशेष स्थान रखती है क्योंकि इसमें दुनिया का पहला एयर-कंडीशनिंग सिस्टम लगा था। इसकी क्लासिक लाइन्स और लग्जरी फीचर्स ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उद्योगपति गौतम सिंघानिया की कारें: मुंबई से आईं उनकी दो खास कारें – 1973 पोंटिएक फायरबर्ड और 1951 जगुआर एक्सके 120 – रैली में सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं। गौतम सिंघानिया की कलेक्शन से जुड़ी कई दुर्लभ कारें अक्सर ऐसे इवेंट्स में शामिल होती हैं, जो कारों के रखरखाव पर लाखों रुपये सालाना खर्च करती हैं।
1963 मॉरिस मिनी: 'मिस्टर बीन' फेम वाली आइकॉनिक छोटी कार ने भी लोगों का खूब मनोरंजन किया। इसकी कॉम्पैक्ट डिजाइन और मजेदार लुक ने युवाओं को खासा आकर्षित किया।रैली के दौरान ये कारें शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरीं, जहां सड़कों के दोनों तरफ खड़े लोग इन्हें मोबाइल में कैद करते नजर आए। हर कार की चमक, मूल स्थिति में बहाल की गई खूबसूरती और इंजन की आवाज ने पुराने दौर की यादें ताजा कर दीं।
क्लब की यात्रा: 10 से 100 तक का सफर
क्लब के वाइस प्रेसिडेंट सुधीर कासलीवाल ने बताया कि इस आयोजन की शुरुआत में मुश्किल से 10 कारें ही शामिल होती थीं, लेकिन अब यह संख्या 100 से पार कर गई है। इस बार की कारें न केवल रेयर हैं, बल्कि इन्हें बेहद बारीकी और प्यार से रिस्टोर किया गया है। ये कारें उन सभी उत्साही लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं जो विंटेज वाहनों को संरक्षित रखने और उनकी देखभाल का जुनून रखते हैं।यह इवेंट राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से ताज जय महल पैलेस में भी आयोजित किया गया, जहां पहले एग्जीबिशन हुई और फिर रैली निकली। ऐसे आयोजन न सिर्फ ऑटोमोटिव हेरिटेज को जीवित रखते हैं, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं।