गोगुंदा में आबादी के पास पहाड़ी पर लगी भीषण जंगल की आग: 30 बीघा क्षेत्र जलकर राख, दमकल की गाड़ी ऊपर तक नहीं पहुंच सकी

उदयपुर के गोगुंदा थाना क्षेत्र के काछबा गांव में रामेश्वर महादेव मंदिर के सामने वाली पहाड़ी पर शनिवार रात भीषण आग लग गई। तेज हवा के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 30 बीघा जंगल जलकर राख हो गया। आबादी के पास होने से ग्रामीण दहशत में आ गए। दमकल की गाड़ी पहाड़ी पर ऊपर तक नहीं पहुंच सकी। ग्रामीणों और वन विभाग की मदद से देर रात आग पर काबू पाया गया, लेकिन सुबह तक धुआं उठता रहा।

Mar 29, 2026 - 11:04
गोगुंदा में आबादी के पास पहाड़ी पर लगी भीषण जंगल की आग: 30 बीघा क्षेत्र जलकर राख, दमकल की गाड़ी ऊपर तक नहीं पहुंच सकी

उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक बार फिर प्रकृति की तबाही का मंजर देखने को मिला। काछबा गांव स्थित प्रसिद्ध रामेश्वर महादेव मंदिर के ठीक सामने वाली पहाड़ी पर रात के समय अचानक भीषण आग भड़क उठी। तेज हवाओं के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते करीब 30 बीघा जंगल को अपनी चपेट में ले लिया। सूखी घास और झाड़ियों से भरी पहाड़ी होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

आग कैसे फैली और ग्रामीणों में मची दहशत

रामेश्वर महादेव मंदिर के सामने वाली यह पहाड़ी आबादी क्षेत्र के काफी करीब है। रात के समय तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को और भड़काने का काम किया। सूखी घास, पत्तियां और छोटी-छोटी झाड़ियां आग की ईंधन बन गईं। आग की लपटें ऊंची उठ रही थीं और तेजी से आगे बढ़ रही थीं।आसपास रहने वाले ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई। कई लोगों को डर था कि अगर आग को तुरंत काबू नहीं किया गया तो यह पहाड़ी से नीचे उतरकर घरों और आबादी तक पहुंच सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि “अगर समय पर आग बुझाने का काम शुरू नहीं किया जाता तो आग घरों तक पहुंच जाती और भारी नुकसान हो सकता था।”

ग्रामीणों और प्रशासन की बचाव कार्यवाही

ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। उन्होंने बाल्टियों, ट्यूबों और उपलब्ध साधनों से पानी डालकर तथा पेड़ों की डालियां काटकर आग को रोकने की कोशिश की।

सरपंच प्रतिनिधि अंबालाल को सूचना मिलते ही उन्होंने उदयपुर से दमकल की गाड़ी बुलाई। दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और पानी की बोछारें डालने लगे, लेकिन पहाड़ी होने के कारण आग वाली जगह तक पाइप लाइन नहीं पहुंच सकी। ऊबड़-खाबड़ रास्ता और ऊंचाई की वजह से दमकल की गाड़ी पूरी तरह ऊपर तक नहीं चढ़ पाई।

देर रात पुलिस और गोगुंदा वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। सभी की संयुक्त प्रयास से रात के आखिरी पहर तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया। हालांकि, पूरी तरह बुझने में समय लगा और सुबह तक धुआं उठता रहा। धुंए के गुबार से आसपास का माहौल धुंधला बना रहा।

नुकसान का अनुमान

लगभग 30 बीघा जंगल क्षेत्र पूरी तरह जलकर राख हो गया।मुख्य रूप से सूखी घास, झाड़ियां और छोटे-छोटे पेड़ प्रभावित हुए।अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन पर्यावरण को नुकसान जरूर हुआ है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

जमा हुए ग्रामीणों ने बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि रात भर नींद नहीं आई। कई लोग पहाड़ी के नीचे खड़े होकर आग बुझाने में मदद करते रहे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे पहाड़ी इलाकों में आग लगने पर तुरंत ऊंचाई वाले वाहन या हेलीकॉप्टर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि समय पर आग पर काबू पाया जा सके।यह घटना एक बार फिर जंगलों की सुरक्षा और वन विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़ा करती है। गोगुंदा क्षेत्र में पहाड़ी और जंगली इलाके ज्यादा होने के कारण ऐसी घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.