“एक झटके में उजड़ गई जिंदगी! कार्रवाई पर उठे बड़े सवाल, जानिए पूरा मामला”

सालों से बसे परिवारों पर अचानक कार्रवाई… बिना चेतावनी घर टूटे और कई लोग बेघर हो गए। अब इस पूरे मामले में साजिश के आरोप लग रहे हैं—क्या है असली कहानी?

Apr 9, 2026 - 13:34
“एक झटके में उजड़ गई जिंदगी! कार्रवाई पर उठे बड़े सवाल, जानिए पूरा मामला”

राजस्थान के जालोर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां वर्षों से रह रहे परिवारों की बस्ती पर अचानक बुलडोज़र चला दिया गया। इस कार्रवाई के बाद कई परिवार बेघर हो गए और अब न्याय की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठ रही है।

अचानक पहुंची टीम, टूटे घर

मामला रामसीन थाना क्षेत्र की जसवंतपुरा तहसील का है, जहां गाडलिया लोहार समाज के लोग लंबे समय से निवास कर रहे थे।

पीड़ितों के अनुसार:

पुलिस बल और कुछ निजी लोग जेसीबी लेकर अचानक पहुंचे

बिना किसी पूर्व सूचना के मकानों में तोड़फोड़ शुरू कर दी

कच्चे-पक्के घरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया

40 साल पुरानी बस्ती उजड़ी

समाज के लोगों का कहना है कि वे पिछले 40 वर्षों से इसी स्थान पर रह रहे थे। उनके पास:

जन आधार कार्ड

बिजली कनेक्शन

राशन कार्ड

जैसे जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं, जो उनके निवास को प्रमाणित करते हैं।

महिलाओं के साथ अभद्रता के आरोप

पीड़ित परिवारों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान:

महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया

घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया गया

जिससे पूरे समाज में आक्रोश फैल गया है।

भू-माफियाओं की साजिश का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्रवाई सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उनके अनुसार:

बस्ती के पीछे निजी जमीन पर प्लॉटिंग की जा रही है

जमीन की कीमत बढ़ाने के लिए उन्हें हटाया जा रहा है

इस पूरे मामले में भू-माफियाओं की मिलीभगत होने की बात कही जा रही है।

पहले मिल चुकी हैं सरकारी सुविधाएं

हैरानी की बात यह है कि जिस बस्ती को अवैध बताकर हटाया गया:

वहां पहले सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया

पूर्व विधायक पूराराम चौधरी द्वारा विधायक कोष से हैंडपंप और सोलर लाइटें लगवाई गई थीं

कलेक्टर से लगाई गुहार

पीड़ित परिवारों ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर:

वैकल्पिक आवास की मांग की

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई

आंदोलन की चेतावनी

समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही:

रहने की व्यवस्था नहीं की गई

दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई

तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेंगे।

Kashish Sain Bringing truth from the ground