जयपुर में प्राइवेट स्कूल टीचर की बेरहमी से पिटाई: नाबालिग छात्र की आंख में चोट, बेहोश होकर गिरा
जयपुर के विवेक विहार स्थित रावत पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में फिजिक्स शिक्षक जसवंत सिंह ने 26 दिसंबर को एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्र को दोस्तों से बातचीत करने पर लकड़ी के डंडे से बुरी तरह पीटा। मारपीट से छात्र की बाईं आंख में गंभीर चोट लगी और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। प्रिंसिपल ने शिकायत के बावजूद कोई मदद नहीं की। पीड़ित के पिता ने श्याम नगर थाने में FIR दर्ज कराई, पुलिस ने मेडिकल कराया और जांच शुरू की। यह घटना स्कूलों में शारीरिक दंड की समस्या को उजागर करती है।
जयपुर शहर में एक निजी स्कूल में शिक्षक की क्रूरता का मामला सामने आया है। विवेक विहार क्षेत्र स्थित रावत पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के फिजिक्स शिक्षक जसवंत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्र को लकड़ी के डंडे से इतनी बुरी तरह पीटा कि छात्र की बाईं आंख में गंभीर चोट लग गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। यह घटना 26 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है।
घटना का विवरण पुलिस और पीड़ित परिवार के अनुसार, राम नगर विस्तार की शिवपुरी कॉलोनी में रहने वाले एक व्यक्ति का 17 साल का बेटा रावत पब्लिक स्कूल में पढ़ता है। 26 दिसंबर को सुबह करीब 10:30 बजे छात्र अपने दोस्तों से बातचीत कर रहा था। यह देखकर फिजिक्स टीचर जसवंत सिंह गुस्से में आ गए और उन्होंने छात्र को लकड़ी के डंडे से अंधाधुंध पीटना शुरू कर दिया।आरोप है कि डंडे से मुंह पर जोरदार प्रहार हुआ, जिससे छात्र की बाईं आंख में गंभीर चोट आई। चोट लगते ही छात्र बेहोश हो गया और जमीन पर गिर पड़ा। थोड़ी देर बाद उसके दोस्तों ने उसे संभाला। लंच टाइम (करीब 10:45 बजे) में छात्र ने स्कूल प्रिंसिपल से इसकी शिकायत की, लेकिन प्रिंसिपल ने कोई तत्काल मदद नहीं की। बल्कि एक अन्य टीचर को भेजकर छात्र को पास की सरकारी डिस्पेंसरी भेज दिया गया।पीड़ित छात्र के पिता का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने उन्हें घटना की सूचना तक नहीं दी। बेहोशी की जानकारी मिलते ही परिजन स्कूल पहुंचे, लेकिन पीटने वाले टीचर जसवंत सिंह वहां नहीं मिले। बाद में वे डिस्पेंसरी पहुंचे, जहां छात्र का इलाज चल रहा था।
पुलिस कार्रवाई पीड़ित छात्र के पिता ने 29 दिसंबर को श्याम नगर थाने में FIR दर्ज कराई। थाने के ASI अजय सिंह ने बताया कि शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर लिया गया है। मंगलवार को पीड़ित छात्र का मेडिकल कराया गया। छात्र और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद आगे की जांच और कार्रवाई की जाएगी। FIR में शिक्षक जसवंत सिंह और स्कूल प्रशासन के खिलाफ मारपीट, लापरवाही और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
स्कूल प्रशासन पर सवाल यह घटना स्कूलों में कॉर्पोरल पनिशमेंट (शारीरिक दंड) की पुरानी समस्या को फिर से उजागर करती है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रिंसिपल ने शिकायत के बावजूद कोई सहायता नहीं की और मामले को दबाने की कोशिश की। स्कूल प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।