Jaipur Metro: 2055 तक 138KM का नेटवर्क… लेकिन सबसे बड़ा सवाल—कहां-कहां तक पहुंचेगी मेट्रो?
जयपुर में मेट्रो विस्तार का बड़ा प्लान तैयार है, लेकिन असली चर्चा इस बात की है कि आने वाले सालों में ये नेटवर्क शहर के किन-किन हिस्सों को जोड़ेगा।
राजस्थान की राजधानी जयपुर अब एक बड़े ट्रांसपोर्ट ट्रांसफॉर्मेशन की ओर बढ़ रहा है। शहर में मेट्रो नेटवर्क को लेकर जो प्लान सामने आया है, वो सिर्फ आज की जरूरत नहीं बल्कि आने वाले दशकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि साल 2055 तक जयपुर में 138 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जाए, जिससे शहर के हर हिस्से को तेज और आसान कनेक्टिविटी मिल सके।
फेज-1 से फेज-2: शुरुआत से विस्तार तक
अभी जयपुर में मेट्रो का नेटवर्क करीब 11 किलोमीटर तक सीमित है। लेकिन केंद्र सरकार से फेज-2 को मंजूरी मिलने के बाद इसमें बड़ा बदलाव आने वाला है।
फेज-2 के तहत:
प्रहलादपुरा (टोंक रोड) से टोड़ी मोड़ (सीकर रोड) तक
करीब 42.8 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाएगा
इसे 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है
इस विस्तार के बाद कुल नेटवर्क बढ़कर 52 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा।
फेज-3: शहर के हर कोने तक पहुंच
तीसरे चरण में मेट्रो को और गहराई से शहर के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की योजना है। इसमें कुल 57.8 किलोमीटर के नेटवर्क पर काम होगा।
मुख्य रूट:
ट्रांसपोर्ट नगर से जगतपुरा (17 KM) – पूर्वी जयपुर को जोड़ेगा
कनकपुरा से झालाना डूंगरी (16.3 KM) – संस्थानों को कनेक्ट करेगा
अजमेर रोड चौराहा से कालवाड़ रोड (8.5 KM) – पश्चिमी हिस्से को मजबूती देगा
यह फेज 2041 तक पूरा होने का लक्ष्य रखता है।
फेज-4: टूरिज्म और आउटर कनेक्टिविटी पर फोकस
चौथे चरण में मेट्रो सिर्फ शहर के अंदर नहीं, बल्कि पर्यटन और बाहरी कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।
प्रमुख प्रस्ताव:
जगतपुरा से खातीपुरा रेलवे स्टेशन (6.5 KM)
गलता तीर्थ से आमेर (9.5 KM) – टूरिस्ट सर्किट
ट्रांसपोर्ट नगर से बगराना (10.4 KM)
कालवाड़ रोड से लक्ष्मी नारायणपुरा (~11 KM)
इस फेज में करीब 35–37 किलोमीटर नेटवर्क जोड़ा जाएगा और इसे 2055 तक पूरा करने की योजना है।
क्यों है ये प्लान खास?
जयपुर मेट्रो का यह मास्टर प्लान सिर्फ दूरी कम करने के लिए नहीं, बल्कि:
ट्रैफिक जाम से राहत
समय की बचत
पर्यावरण संरक्षण
और स्मार्ट सिटी विजन को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है
अब बड़ा सवाल
इतना बड़ा प्लान कागज से जमीन पर कितनी तेजी से उतरेगा?
क्योंकि अगर यह योजना तय समय पर पूरी होती है, तो आने वाले सालों में जयपुर देश के सबसे बेहतर मेट्रो नेटवर्क वाले शहरों में शामिल हो सकता है।