जयपुर में फोन पर पत्नी को दिया 'तीन तलाक': घरेलू हिंसा और मारपीट के बाद घर से निकाला, फिर कॉल पर तलाक बोलकर छोड़ा
जयपुर के आदर्श नगर की 28 वर्षीय महिला ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शादी के बाद से पति मारपीट और प्रताड़ना करता था। नवंबर 2025 में धक्के मारकर घर से निकालने के बाद पति ने फोन पर तीन बार 'तलाक' बोलकर गैरकानूनी तलाक दे दिया। लालकोठी पुलिस ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जयपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी को लंबे समय तक मारपीट और मानसिक प्रताड़ना देने के बाद घर से धक्के मारकर निकाल दिया। इसके बाद फोन कॉल पर तीन बार 'तलाक' बोलकर उसे तलाक दे दिया। यह घटना नवंबर 2025 की बताई जा रही है। पीड़ित महिला ने इस गैरकानूनी तरीके से तलाक देने के खिलाफ लालकोठी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का विस्तृत विवरण पीड़िता की उम्र और पता: पीड़ित महिला की उम्र 28 वर्ष है और वह जयपुर के आदर्श नगर क्षेत्र की रहने वाली है।शादी और शुरुआती दिन: महिला की शादी कुछ वर्ष पहले हुई थी। शादी के शुरुआती दिनों में सब ठीक था, लेकिन जल्द ही पति का व्यवहार बदल गया।मारपीट और प्रताड़ना: शादी के बाद से ही आरोपी पति महिला के साथ लगातार मारपीट करता था। न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी उसे टॉर्चर करता रहा। महिला का आरोप है कि पति उसे नियमित रूप से पीटता था और घर में मानसिक तनाव पैदा करता था।घर से निकालना: नवंबर 2025 में आरोपी पति ने महिला को धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद महिला अपने मायके (पीहर) चली गई।फोन पर तीन तलाक: मायके पहुंचने के बाद आरोपी पति ने महिला को फोन किया और तीन बार 'तलाक' बोलकर उसे तलाक दे दिया। यह तरीका पूरी तरह गैरकानूनी है, क्योंकि भारत में 2019 से ट्रिपल तलाक (तत्काल तीन तलाक) को अपराध घोषित किया गया है।
पुलिस कार्रवाई शिकायत दर्ज: पीड़िता ने लालकोठी थाने में पहुंचकर आरोपी पति के खिलाफ FIR दर्ज कराई।पुलिस अधिकारी का बयान: ASI किशन सिंह ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि महिला ने मारपीट, प्रताड़ना और गैरकानूनी तलाक की शिकायत की है।कानूनी आधार: पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर मुस्लिम महिला संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। इस अधिनियम के अनुसार, ट्रिपल तलाक देना अपराध है और इसमें 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।जांच: पुलिस जांच कर रही है और आरोपी पति से पूछताछ की जाएगी।
पृष्ठभूमि: ट्रिपल तलाक पर कानून भारत में ट्रिपल तलाक को 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक घोषित किया था। इसके बाद 2019 में मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकार संरक्षण) अधिनियम पारित हुआ, जो किसी भी रूप में (मौखिक, लिखित या इलेक्ट्रॉनिक) ट्रिपल तलाक को अवैध और दंडनीय बनाता है। फिर भी देशभर में ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, खासकर राजस्थान में जयपुर जैसे शहरों से।