जयपुर में सवा करोड़ का इलेक्ट्रिक ट्रक लॉन्च, डीजल सिस्टम पर बड़ा सवाल; क्या यही है भविष्य की ट्रांसपोर्ट क्रांति?

जयपुर के JECC एक्सपो में 55 टन क्षमता वाला हाईटेक इलेक्ट्रिक ट्रक लॉन्च किया गया है। करीब 1.20 करोड़ कीमत वाला यह ट्रक 200 किमी की रेंज और 50% तक कम ऑपरेटिंग कॉस्ट का दावा करता है।

Jun 7, 2026 - 11:57
जयपुर में सवा करोड़ का इलेक्ट्रिक ट्रक लॉन्च, डीजल सिस्टम पर बड़ा सवाल; क्या यही है भविष्य की ट्रांसपोर्ट क्रांति?

जयपुर के सीतापुरा स्थित JECC में आयोजित ट्रक, ट्रेलर एंड टायर एक्सपो में एक ऐसा भारी-भरकम इलेक्ट्रिक ट्रक पेश किया गया है, जिसने पूरे ऑटोमोबाइल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पुणे की कंपनी एका मोबिलिटी ने अपना 55 टन क्षमता वाला हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रक लॉन्च किया है, जिसे डीजल ट्रकों का मजबूत विकल्प बताया जा रहा है।

करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए (GST अतिरिक्त) की शुरुआती कीमत वाला यह ट्रक न सिर्फ तकनीकी रूप से एडवांस है, बल्कि इसे लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ईंधन खर्च और प्रदूषण दोनों को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

200 किलोमीटर की रेंज, 55 टन का दम

कंपनी के मुताबिक यह इलेक्ट्रिक ट्रक एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 200 किलोमीटर तक चल सकता है। इसे 55 टन ग्रॉस कंबाइंड वेट (GCW) के हिसाब से डिजाइन किया गया है, जिससे यह भारी माल ढुलाई के लिए उपयुक्त बनता है।

इसमें 6X4 कॉन्फिगरेशन दिया गया है, जो इसे कठिन और लंबी दूरी वाले ट्रांसपोर्ट रूट्स पर भी सक्षम बनाता है। इसकी अधिकतम स्पीड 80 किमी प्रति घंटा और 30% ग्रेडेबिलिटी इसे पहाड़ी इलाकों में भी मजबूत प्रदर्शन देने में सक्षम बनाती है।

बैटरी और फास्ट चार्जिंग सिस्टम

इस ट्रक में दो बैटरी विकल्प दिए गए हैं—282 kWh और 424 kWh, जो LFP (Lithium Ferro Phosphate) तकनीक पर आधारित हैं।

कंपनी का दावा है कि हाई-स्पीड 360 kW चार्जर से यह ट्रक करीब 1 से 1.25 घंटे में फुल चार्ज हो सकता है, जबकि 240 kW चार्जर से इसमें 4 से 5 घंटे लग सकते हैं।

डीजल से 50% तक कम खर्च

कंपनी के अनुसार, यह ट्रक डीजल ट्रकों की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक ऑपरेटिंग कॉस्ट कम कर सकता है। जहां डीजल ट्रक का सालाना खर्च 32–33 लाख रुपए तक पहुंच सकता है, वहीं इलेक्ट्रिक ट्रक में यह खर्च काफी कम हो जाता है।

इसके अलावा मेंटेनेंस कॉस्ट में भी 70% तक की बचत का दावा किया गया है, क्योंकि इसमें इंजन, क्लच और कई पारंपरिक पार्ट्स नहीं होते।

ड्राइवर के लिए आधुनिक सुविधाएं

ट्रक के केबिन को पूरी तरह एयर कंडीशंड बनाया गया है। इसमें स्लीपर बर्थ, पावर स्टीयरिंग और ऑटोमैटिक AMT ट्रांसमिशन जैसी सुविधाएं दी गई हैं। डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के जरिए बैटरी, रेंज और चार्जिंग स्टेटस की पूरी जानकारी मिलती है।

 चार्जिंग नेटवर्क पर फोकस

इलेक्ट्रिक ट्रकों की सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने HPCL के साथ साझेदारी की है और देश के प्रमुख फ्रेट कॉरिडोर पर फास्ट चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की योजना बनाई है।

पर्यावरण के लिए बड़ा कदम

यह इलेक्ट्रिक ट्रक कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को ज्यादा पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तकनीक सफल होती है तो आने वाले समय में डीजल ट्रकों की जगह इलेक्ट्रिक ट्रक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

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