करोड़ों परिवारों को लगा बड़ा झटका, रातों-रात बढ़ गए रसोई गैस के दाम!"
राजस्थान के 1.82 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है।
राजस्थान के करोड़ों एलपीजी उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की वृद्धि कर दी है। नई दरें शनिवार देर रात से लागू हो गई हैं। इसके बाद अब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 916.50 रुपये से बढ़कर 945.50 रुपये हो गई है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर राज्य के लगभग 1.82 करोड़ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक बजट पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।
तीन माह में 89 रुपये महंगा हुआ सिलेंडर
इस वर्ष 7 मार्च को भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। उस समय सिलेंडर की कीमत 856.50 रुपये थी, जो बढ़कर 916.50 रुपये हो गई थी। अब जून में 29 रुपये की नई बढ़ोतरी के बाद सिलेंडर 945.50 रुपये का हो गया है। इस तरह मात्र तीन महीनों में घरेलू गैस सिलेंडर कुल 89 रुपये महंगा हो चुका है।
अंतरराष्ट्रीय संकट का असर भारतीय बाजार पर
विशेषज्ञों और उद्योग सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में बढ़ते संकट और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है। समुद्री आपूर्ति मार्गों पर बढ़ते जोखिमों के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं।
एलपीजी आयात पर निर्भरता होने के कारण इसका सीधा असर भारत के घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत को देखते हुए कीमतों में संशोधन करना आवश्यक हो गया था।
तेल कंपनियों को हो रहा था भारी घाटा
उद्योग सूत्रों के अनुसार मार्च में कीमतें बढ़ाने के बावजूद सरकारी तेल विपणन कंपनियों को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। ताजा संशोधन से पहले कंपनियों को प्रत्येक घरेलू सिलेंडर पर लगभग 703 रुपये का घाटा हो रहा था। ऐसे में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालना अनिवार्य माना गया।
कमर्शियल सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं
हालांकि इस बार 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे होटल, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल राहत मिली है। लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर झेलना पड़ेगा।
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी भी हुए महंगे
एलपीजी के साथ-साथ अन्य ईंधनों की कीमतों में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। मई के मध्य से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं सीएनजी की कीमतें भी लगभग 6 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ चुकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे बाजार में खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में आम जनता को महंगाई का और अधिक सामना करना पड़ सकता है।
आम जनता पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
लगातार बढ़ रही गैस, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों ने आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। घरेलू गैस सिलेंडर की नई कीमतों से रसोई का खर्च बढ़ेगा, वहीं परिवहन लागत में वृद्धि के कारण अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।