जैसलमेर में थरथराई दुश्मन की नींद: वायु शक्ति-2026 की फुल ड्रेस रिहर्सल में भारतीय वायुसेना ने दिखाई अपार ताकत
राजस्थान के जैसलमेर में पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (चांधन रेंज) में भारतीय वायुसेना के 'वायु शक्ति-2026' युद्ध अभ्यास की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। सुखोई-30 MKI ने 1000 किलो बम से दुश्मन रनवे हिलाया, आकाश मिसाइल ने हवाई लक्ष्य उड़ाए, मिग-29 ने टैंक काफिले तबाह किए। पहली बार रात में C-130 लैंडिंग और C-295 असॉल्ट लैंडिंग दिखाई गई। 120+ एयरक्राफ्ट्स, 200 ड्रोन्स का शो और ऑपरेशन सिंदूर सिमुलेशन शामिल। मुख्य अभ्यास 27 फरवरी को होगा।
राजस्थान के जैसलमेर जिले में पाकिस्तान बॉर्डर के निकट स्थित पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (चांधन फील्ड फायरिंग रेंज) एक बार फिर भारतीय वायुसेना की शक्ति का गवाह बना। यहां वायु शक्ति-2026 युद्ध अभ्यास की फुल ड्रेस रिहर्सल (पूर्ण तैयारी अभ्यास) आयोजित की गई, जिसमें वायुसेना ने दिन और रात दोनों समय में अपनी घातक क्षमता का भव्य प्रदर्शन किया। यह अभ्यास 27 फरवरी 2026 को मुख्य कार्यक्रम के रूप में होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
अभ्यास का उद्देश्य और महत्व
वायु शक्ति-2026 भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा फायरपावर डेमोंस्ट्रेशन एक्सरसाइज है। यह न केवल हथियारों और विमानों की ताकत दिखाता है, बल्कि मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस, लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक्स, एयर डोमिनेंस और स्वदेशी तकनीकों पर आधारित 'आत्मनिर्भर भारत' की झलक भी प्रस्तुत करता है। रिहर्सल में 120 से अधिक एयर प्लेटफॉर्म्स शामिल हुए, जिन्होंने सटीक हमलों, एयर डिफेंस और स्पेशल ऑपरेशंस का शानदार समन्वय दिखाया।
प्रमुख हथियारों और विमानों का प्रदर्शन
सुखोई-30 MKI: दुश्मन के रनवे, एयरबेस, सप्लाई डिपो और आतंकी ठिकानों पर 1000 किलो के भारी बम गिराए। रनवे हिल गया और धूल का गुबार उठ खड़ा हुआ। दुश्मन के दो विमानों को भारतीय सीमा में घुसते ही वापस धकेला गया।
मिग-29 फाइटर जेट: टैंकों के काफिले को पूरी तरह तबाह किया।जगुआर विमान: दुश्मन के बंकरों को नष्ट किया। दो जगुआर ने 'सुदर्शन फॉर्मेशन' में टारगेट पर सटीक हमला किया।प्रचंड और ALH हेलीकॉप्टर: दुश्मन के आर्म्ड व्हीकल और लॉजिस्टिक सेंटर को नेस्तनाबूद किया। हेलीकॉप्टर से तिरंगा लहराता दिखा।आकाश मिसाइल सिस्टम: स्वदेशी एयर डिफेंस हथियार ने दुश्मन के बेस और हवाई लक्ष्यों को हवा में ही उड़ा दिया। रात के अंधेरे में भी सटीक निशाना लगाया।C-130 जे हरक्यूलिस: पहली बार रात में रनवे पर लैंडिंग की और गरुड़ कमांडोज को ड्रॉप कर वापस लौटा।
C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट: असॉल्ट लैंडिंग का प्रदर्शन किया। इसकी कम शोर वाली तकनीक से दुश्मन को पता नहीं चलता कि विमान कब पहुंचा।सी-17 ग्लोबमास्टर: फ्लेयर छोड़कर युद्ध में जीत का जश्न मनाया।
ऑपरेशन सिंदूर का सिमुलेशन
रिहर्सल में ऑपरेशन सिंदूर की सर्जिकल स्ट्राइक को विशेष रूप से दिखाया गया। इसमें 73 फाइटर जेट्स ने देशभर के 8 एयरबेस से उड़ान भरी और दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद किया। ड्रोन शो में टाइगर हिल्स, 1965 के सरगोधा एयरबेस हमले और स्वदेशी मिसाइलों का ऐतिहासिक संदर्भ दिया गया।
ड्रोन शो और अन्य आकर्षण
अभ्यास के अंत में 200 ड्रोन्स का शानदार शो हुआ, जिसमें देश का नक्शा, एयरफोर्स का प्रतीक, देशभक्ति गीत और आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। यह शो साहस, तकनीक और एकता का प्रतीक था।