हैदराबाद में घरेलू हिंसा की दिल दहला देने वाली घटना: शक्की पति ने पत्नी को बच्चों के सामने जिंदा जलाया, आरोपी गिरफ्तार
हैदराबाद के नल्लाकुंटा इलाके में 24 दिसंबर की रात शक्की पति वेंकटेश ने अपनी पत्नी त्रिवेणी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। दोनों बच्चों के सामने हुई इस वारदात में बेटी ने मां को बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसे भी आग में धकेलने की कोशिश की। त्रिवेणी की जलकर मौत हो गई जबकि बेटी को मामूली चोटें आईं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
हैदराबाद, 26 दिसंबर 2025: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नल्लाकुंटा इलाके में घरेलू हिंसा की एक भयावह और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पति ने अपनी पत्नी पर चरित्र शक के चलते पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जला दिया। यह वारदात उनके दो मासूम बच्चों की मौजूदगी में हुई। आरोपी पति ने जब बेटी ने मां को बचाने की कोशिश की, तो उसे भी आग की लपटों की ओर धकेलने की कोशिश की, हालांकि बेटी किसी तरह बच गई और उसे मामूली जलन आईं।
घटना का विवरण घटना 24 दिसंबर 2025 की रात (या सुबह के शुरुआती घंटों में) की है, जो क्रिसमस ईव पर हुई। आरोपी वेंकटेश (उम्र करीब 31-32 साल) और पीड़िता त्रिवेणी (उम्र 26 साल) नलगोंडा जिले के हुजूराबाद के रहने वाले हैं। दोनों की लव मैरिज हुई थी और उनके दो बच्चे हैं - एक 8 साल का बेटा नरेश और 6 साल की बेटी सत्विका। परिवार पिछले एक साल से नल्लाकुंटा के तिलक नगर में किराए के मकान में रह रहा था।पुलिस के अनुसार, वेंकटेश लंबे समय से अपनी पत्नी त्रिवेणी के चरित्र पर शक करता था। इसी शक की वजह से घर में अक्सर झगड़े होते थे। त्रिवेणी होटल में काम करती थी और परिवार का पालन-पोषण करने में मदद करती थी। शक और उत्पीड़न से तंग आकर त्रिवेणी कुछ समय पहले अपने मायके चली गई थी। वेंकटेश ने माफी मांगकर और व्यवहार सुधारने का वादा करके उसे अक्टूबर में वापस बुलाया था। लेकिन वापस आने के कुछ दिनों बाद ही यह भयानक वारदात हो गई।
24 दिसंबर की रात वेंकटेश ने शराब पी थी और पास की पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदकर घर लाया। उसने पहले बेटे को जगाया, उसे समोसा खिलाया और बाहर भेज दिया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उसने बेटे से कहा, "आज तेरी मां मर जाएगी"। इसके बाद उसने त्रिवेणी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। त्रिवेणी आग की लपटों में तड़प उठी और चीखने लगी।बेटी सत्विका, जो पास ही सो रही थी, मां की चीख सुनकर उठी और बचाने दौड़ी। वेंकटेश ने उसे भी आग में धकेलने की कोशिश की, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक त्रिवेणी ने बेटी को बचा लिया या बेटी खुद बाहर भाग निकली। सत्विका को मामूली जलन आईं, जबकि त्रिवेणी गंभीर रूप से झुलस गई।पड़ोसियों ने चीखें सुनकर और आग की लपटें देखकर घर पहुंचे। उन्होंने त्रिवेणी और बेटी को गांधी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने त्रिवेणी को मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत जलने से हुई सदमे और गंभीर चोटों से हुई। बेटी का इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है।
पुलिस कार्रवाई वारदात के बाद वेंकटेश मौके से फरार हो गया था, लेकिन नल्लाकुंटा पुलिस ने 12 घंटे के अंदर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। बच्चों के बयान दर्ज किए गए हैं। वेंकटेश को कोर्ट में पेश किया गया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच जारी है।
परिवार की पृष्ठभूमि वेंकटेश दिहाड़ी मजदूरी करता था और शराब का आदी बताया जाता है। पड़ोसियों के अनुसार, घर से अक्सर झगड़ों की आवाजें आती थीं। त्रिवेणी परिवार चलाने के लिए मेहनत करती थी, लेकिन पति का शक और हिंसा उसे परेशान करती रही। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और गुस्सा फैला दिया है। लोग घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं।