गुरुग्राम हादसा: सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी में STP निर्माण के दौरान दीवार ढही, 7 मजदूरों की मौत
हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सिधरावली इलाके में सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी की निर्माणाधीन साइट पर सोमवार रात (9 मार्च 2026) सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के बेसमेंट खुदाई के दौरान मिट्टी की दीवार अचानक ढह गई। इस हादसे में 12-15 मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से 7 की मौत हो गई और 3-5 गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों की पहचान हरियाणा के मानेसर क्षेत्र से बताई जा रही है, सभी हेल्पर, फिटर और मशीन ऑपरेटर थे। पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, शव भिवाड़ी अस्पताल पहुंचाए गए। जांच में सुरक्षा मानकों की कमी की जांच हो रही है।
हरियाणा के गुरुग्राम जिले में एक बड़ा दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां निर्माणाधीन सोसाइटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के काम के दौरान मिट्टी की दीवार ढह गई। इस हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं। घटना सोमवार (9 मार्च 2026) देर रात करीब 8-9 बजे के बीच हुई।
हादसे का विवरण
स्थान: गुरुग्राम के बिलासपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिधरावली गांव में स्थित सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी (Signature Global Society / Global Signature Society) की निर्माणाधीन साइट।
कारण: सोसायटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण चल रहा था। बेसमेंट में खुदाई के दौरान (लगभग 60 फीट गहराई पर) मिट्टी की रिटेनिंग दीवार अचानक ढह गई, जिससे मिट्टी धंस गई और मजदूर दब गए।
प्रभाव: करीब 12-15 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 10-12 मलबे में दब गए। रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीमें शामिल हुईं। मलबे से निकाले गए मजदूरों को भिवाड़ी (राजस्थान) के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 7 को मृत घोषित कर दिया। बाकी में से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं।
मृतकों की पहचान: पुलिस ने शवों की शिनाख्त मजदूरों के पहचान पत्रों के आधार पर की। सभी मजदूर हरियाणा के मानेसर क्षेत्र से थे और विभिन्न पदों पर कार्यरत थे:इंद्रजी सादा (32 वर्ष),भागीरथ गोपी (उम्र अज्ञात),छोटेलाल सादा (37 वर्ष),शिव शंकर (31 वर्ष),शिवकांत चौधरी (47 वर्ष),मंगतराम (32 वर्ष)।(सातवें की पहचान अन्य स्रोतों में सतीश, मिलन, परमेश्वर आदि के रूप में आई है, लेकिन मुख्य रूप से ये नाम पुष्ट हैं),सभी मृतक हेल्पर, फिटर और मशीन ऑपरेटर थे।
रेस्क्यू और जांच
घटना के तुरंत बाद अन्य मजदूरों ने राहत-बचाव शुरू किया, फिर पुलिस और SDRF पहुंची।शवों को रात करीब 10 बजे अस्पताल पहुंचाया गया और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया।बिलासपुर थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि पूरी घटना की जांच चल रही है। राहत टीम मिट्टी और मलबे में और फंसे लोगों की तलाश कर रही है।
प्रशासन ने हादसे के कारणों (सुरक्षा मानकों की कमी, खुदाई के दौरान सपोर्ट की कमी आदि) की जांच के आदेश दिए हैं।
यह हादसा निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक और उदाहरण है, जहां मजदूरों की जान जोखिम में रहती है। परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और जांच में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।