हिंडौन सिटी में गुर्जर समाज की अहम बैठक, मांगें नहीं मानी तो 23 मई को बड़े आंदोलन का ऐलान संभव

राजस्थान के हिंडौन सिटी में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक में समाज ने सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो 23 मई (शहीद दिवस) को बड़े आंदोलन की रणनीति का ऐलान किया जाएगा।

Mar 16, 2026 - 16:47
हिंडौन सिटी में गुर्जर समाज की अहम बैठक, मांगें नहीं मानी तो 23 मई को बड़े आंदोलन का ऐलान संभव

हिंडौन सिटी। राजस्थान में एक बार फिर गुर्जर आंदोलन की आहट सुनाई देने लगी है। रविवार को हिंडौन सिटी में स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के निवास पर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के पदाधिकारियों और नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष जताया और साफ कहा कि अगर लंबित मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 23 मई (शहीद दिवस) को बड़े आंदोलन की रणनीति का ऐलान किया जाएगा।

समझौते के 10 महीने बाद भी अधूरी मांगें

संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने बैठक के बाद कहा कि पिछले साल 8 जून को सरकार के साथ हुआ समझौता अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार ने शहीद रूपनारायण गुर्जर के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देकर एक मांग जरूर पूरी की, लेकिन बाकी प्रमुख मुद्दे पिछले 10 महीनों से लंबित पड़े हैं, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

मुकदमों की वापसी पर उठे सवाल

समिति ने सबसे बड़ा मुद्दा आंदोलन से जुड़े मुकदमों की वापसी को बताया। पदाधिकारियों के अनुसार 2023 से मार्च 2026 तक एक भी केस का निस्तारण नहीं हुआ है।
सरकार ने नवंबर 2023 में दावा किया था कि 42 मामलों को खत्म कर दिया गया है, लेकिन गृह विभाग ने अब तक उन मुकदमों के एफआईआर नंबर समाज के साथ साझा नहीं किए। संघर्ष समिति का आरोप है कि कागजों में निस्तारण दिखाकर समाज को गुमराह किया जा रहा है।

इन मुद्दों पर भी बढ़ा आक्रोश

बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिनसे समाज की नाराजगी और बढ़ गई है।

  • RJS बैकलॉग: हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राजस्थान न्यायिक सेवा (RJS) में बैकलॉग लागू नहीं किया गया।

  • संपत्ति कुर्की का मामला: करौली के पुराने मामलों (2008 और 2016) में समाज के लोगों की संपत्ति कुर्की के आदेश हुए थे। डेढ़ साल से जानकारी देने के बावजूद सरकार की ओर से कोई राहत नहीं मिली।

  • TSP क्षेत्र में आरक्षण: लंबे समय से चली आ रही मांग के तहत टीएसपी क्षेत्र में भी एमबीसी (MBC) आरक्षण लागू करने की मांग दोहराई गई।

शहीदों का सम्मान अब समाज करेगा

बैठक में यह भी तय किया गया कि सवाई माधोपुर के कुशालीदर्रा स्थित शहीद स्थल पर शहीदों की मूर्तियों का अनावरण अब समाज अपने स्तर पर करेगा।
समिति का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से इस मांग को लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन विधायक और प्रशासन की ओर से इसे नजरअंदाज किया गया।

23 मई पर टिकी सबकी नजर

बैठक में परमाल सिंह खटाणा, रामराज भोपर और कैप्टन प्रताप सिंह घांटर सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
अब सबकी निगाहें 23 मई (शहीद दिवस) पर टिकी हैं। देखना होगा कि उससे पहले सरकार समाज की मांगों पर कोई ठोस कदम उठाती है या फिर राजस्थान एक बार फिर बड़े गुर्जर आंदोलन का गवाह बनेगा।

Kashish Sain Bringing truth from the ground