दोस्ती की मिसाल: दोस्त के निधन का सदमा नहीं सह सके, 12 घंटे में दूसरे दोस्त ने भी तोड़ा दम

पाली जिले के भन्दर गांव में दो गहरे दोस्तों की भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई, जहां एक दोस्त की हार्ट अटैक से मौत की खबर सुनकर दूसरे दोस्त की तबीयत बिगड़ गई और 12 घंटे के भीतर उसकी भी मौत हो गई। दोनों ने बचपन से साथ पढ़ाई की और मुंबई में साथ व्यापार किया था।

Apr 27, 2026 - 15:47
दोस्ती की मिसाल: दोस्त के निधन का सदमा नहीं सह सके, 12 घंटे में दूसरे दोस्त ने भी तोड़ा दम

पाली जिले के बीजापुर क्षेत्र के भन्दर गांव से भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां जीवनभर साथ निभाने वाले दो दोस्तों की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। एक दोस्त के निधन की खबर सुनकर दूसरे की तबीयत बिगड़ गई और महज 12 घंटे के भीतर उसने भी दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार, भन्दर गांव निवासी 68 वर्षीय धनराज त्रिवेदी का रविवार सुबह करीब 4 बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया। जैसे ही उनके करीबी दोस्त 74 वर्षीय देवराज दवे को इस दुखद खबर का पता चला, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

गांव के उप सरपंच मुकेश दवे ने बताया कि धनराज और देवराज की दोस्ती बचपन से थी। दोनों ने एक ही स्कूल में पढ़ाई की और बाद में रोज़गार के लिए मुंबई चले गए, जहां उन्होंने लंबे समय तक साथ में व्यापार किया। कोरोना काल के बाद दोनों अपने गांव लौट आए थे और फिर से साथ समय बिता रहे थे। दोनों परिवारों के बीच भी गहरा लगाव था और उनके घर एक ही गली में पास-पास स्थित हैं।

बताया जा रहा है कि धनराज के निधन की सूचना मिलने के बाद देवराज नोवी गांव से भन्दर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई। घर पहुंचते ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

एडवोकेट मुकेश बोहरा ने बताया कि दोनों दोस्तों के अंतिम संस्कार की तैयारियां एक साथ की गईं। गर्मी के कारण शवों को सुरक्षित रखने के लिए डी-फ्रीजर की व्यवस्था की गई। सोमवार सुबह 7:30 बजे धनराज त्रिवेदी का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि देवराज दवे के परिजनों के पहुंचने में देरी होने के कारण उनका अंतिम संस्कार सुबह 11:30 बजे किया गया।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.