सरकारी स्कूल प्रिंसिपल ने पति के कथित अवैध संबंधों के शक में महिला डॉक्टर की हत्या की सुपारी दी
गुजरात की सरकारी स्कूल प्रिंसिपल काजल पटेल ने पति के एक महिला नर्स/डॉक्टर से कथित अवैध संबंधों के शक में 15 लाख रुपये की सुपारी देकर उसकी हत्या की साजिश रची। झुंझुनूं पुलिस ने ठेके पर फायरिंग मामले की जांच के दौरान इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया और प्रिंसिपल सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। हत्या से पहले ही साजिश नाकाम हो गई।
झुंझुनूं/गुजरात, 16 दिसंबर 2025: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां गुजरात के मेहसाणा जिले की एक सरकारी स्कूल प्रिंसिपल ने अपने पति के कथित अवैध संबंधों के शक में एक महिला डॉक्टर की हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस ने इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी प्रिंसिपल काजल पटेल (39 वर्ष) को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। अब तक इस मामले में कुल सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें सुपारी लेने वाले बदमाश और मध्यस्थ शामिल हैं।
साजिश की वजह: पति के संबंधों का शक झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक (SP) ज्योति उपाध्याय के अनुसार, आरोपी प्रिंसिपल काजल पटेल गुजरात के मेहसाणा जिले के उझा क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उन्हें शक था कि उनके पति हार्दिक पटेल के एक महिला डॉक्टर से शारीरिक संबंध हैं। दोनों परिवारों के बीच पहले से ही इस वजह से तनाव और विवाद चल रहा था। काजल को लगता था कि महिला डॉक्टर अब भी उनके पति के संपर्क में है। इसी शक के चलते उन्होंने डॉक्टर की हत्या का प्लान बनाया और अपने परिचितों के माध्यम से सुपारी किलर्स से संपर्क किया। सुपारी की राशि 15 लाख रुपये तय हुई थी।
सुपारी किलिंग का नेटवर्क: राजस्थान, गुजरात और हरियाणा तक फैला जांच में पता चला है कि यह सुपारी किलिंग गैंग का नेटवर्क राजस्थान के झुंझुनूं से लेकर गुजरात और हरियाणा तक फैला हुआ है। अक्टूबर 2025 में सुपारी की डील फाइनल हुई। सुपारी लेने वालों में मुख्य रूप से झुंझुनूं के युवा शामिल थे, जिन्होंने एडवांस में 1 लाख रुपये लेकर जयपुर से हथियार खरीदे।
कैसे खुला पूरा मामला? यह साजिश एक अलग अपराध की जांच के दौरान उजागर हुई। 21 नवंबर 2025 को पिलानी थाना क्षेत्र के लिखवा गांव में एक ठेके (शराब की दुकान) पर रंगदारी मांगने के लिए फायरिंग हुई थी। इस घटना में शामिल बदमाशों की जांच के दौरान पुलिस को सुपारी किलिंग की जानकारी मिली।पुलिस ने सबसे पहले हिमांशु जाट (19 वर्ष, नरहड़ निवासी) को हिरासत में लिया। रिमांड पर पूछताछ में हिमांशु ने कबूल किया कि वे गुजरात में एक महिला डॉक्टर की हत्या की सुपारी ले चुके हैं। हिमांशु के साथी सचिन मेघवाल ने बताया कि भूपेंद्र मेघवाल के माध्यम से अनुज शर्मा (पिलोद निवासी) को सुपारी मिली थी। साजिश में मनोज वाल्मीकि और आकाश वाल्मीकि (पाथड़िया निवासी) भी शामिल थे। आरोपियों ने गुजरात जाकर डॉक्टर के घर और क्लिनिक की रेकी की, लेकिन सुरक्षा के चलते वारदात नहीं कर पाए और वापस लौट आए। बाद में अनुज शर्मा के दबाव में उन्होंने एक दोस्त की शादी के बाद हत्या करने की योजना बनाई। इसी बीच, हरियाणा के फरमाना निवासी अक्षय पंडित (फरारी काट रहा था) भी शामिल हो गया और 21 नवंबर को ठेके पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। इस फायरिंग की जांच से पूरा नेटवर्क बेनकाब हो गया।
बरामदगी और गिरफ्तारियां पुलिस ने हिमांशु की निशानदेही पर सुपारी किलिंग के लिए खरीदे गए हथियार बरामद किए: एक पिस्टल, सात जिंदा कारतूस और चार खाली खोल। 8 दिसंबर 2025 को छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया:अनुज शर्मा (22 वर्ष, पिलोद, सूरजगढ़) मनोज मेघवाल (30 वर्ष, पाथड़िया) आकाश उर्फ बिट्टू वाल्मीकि (21 वर्ष, पाथड़िया) सचिन उर्फ कालू मेघवाल (24 वर्ष, लिखवा) भूपेंद्र कुमार (20 वर्ष) हिमांशु जाट (19 वर्ष, नरहड़) 15 दिसंबर 2025 को मास्टरमाइंड काजल पटेल को गुजरात से गिरफ्तार किया गया।