किसान ने लेपर्ड के हमले में जान बचाई: कुल्हाड़ी से सिर फाड़कर मारा, 15 मिनट तक चला जोरदार संघर्ष

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के खरकड़ी कला गांव में 48 वर्षीय किसान श्रवण गुर्जर पर सुबह चारा काटते समय लेपर्ड ने अचानक हमला कर दिया। करीब 15 मिनट के जोरदार संघर्ष में लेपर्ड ने किसान के मुंह, गर्दन, हाथ-पैर और पीठ पर गहरे घाव किए, लेकिन किसान ने गर्दन बचाते हुए कुल्हाड़ी से लेपर्ड के सिर पर वार कर उसे मौके पर मार गिराया। घायल किसान को अलवर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वन विभाग ने शव जब्त कर जांच शुरू की। यह घटना इंसान-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती समस्या को दर्शाती है।

Feb 7, 2026 - 14:17
किसान ने लेपर्ड के हमले में जान बचाई: कुल्हाड़ी से सिर फाड़कर मारा, 15 मिनट तक चला जोरदार संघर्ष

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक लेपर्ड ने किसान पर घात लगाकर हमला कर दिया। लेकिन किसान ने हिम्मत नहीं हारी और कुल्हाड़ी से वार करके लेपर्ड को मार गिराया। यह संघर्ष करीब 15 मिनट तक चला, जिसमें किसान बुरी तरह घायल हो गया, लेकिन उसकी जान बच गई। घटना शनिवार सुबह लगभग 7 बजे जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के खरकड़ी (या खरकड़ी कला) गांव में हुई।

घटना का पूरा विवरण

48 वर्षीय श्रवण गुर्जर (कुछ रिपोर्टों में उम्र 52 वर्ष बताई गई है) गांव के निवासी हैं। वे सुबह-सुबह घर से महज 500 मीटर दूर अपने खेत पर बकरियों के लिए चारा इकट्ठा करने गए थे। खेत में पहुंचकर वे पेड़ की टहनियां काट रहे थे, तभी झाड़ियों में छिपे एक लेपर्ड (जिसे कुछ जगहों पर शावक बताया गया है) ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया।

श्रवण गुर्जर ने घटना का बयान देते हुए कहा कि लेपर्ड ने उनके शरीर पर पंजों और दांतों से जोरदार हमला किया। खासकर मुंह और गर्दन के आसपास पंजों के गहरे वार किए गए। वे बुरी तरह घायल हो गए और दर्द से कराह उठे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगभग 10 से 15 मिनट तक दोनों के बीच जोरदार संघर्ष चला। किसान लेपर्ड से बचने की भरसक कोशिश करता रहा, जबकि लेपर्ड उसे दबोचने की फिराक में था।

मौका मिलते ही श्रवण ने हाथ में पकड़ी कुल्हाड़ी से लेपर्ड के सिर पर जोरदार वार कर दिया। यह वार इतना घातक था कि लेपर्ड मौके पर ही मर गया। लेपर्ड का सिर फट गया और उसकी मौत हो गई।

घायल किसान की हालत और इलाज

श्रवण गुर्जर को गंभीर चोटें आई हैं। उनके शरीर पर कई जगह गहरे घाव हैं, खासकर हाथ, पैर, पीठ, मुंह और गर्दन पर। ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत मदद पहुंचाई और अलवर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन इलाज चल रहा है।

वन विभाग की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फोरेस्टर मनोज नागा ने बताया कि लेपर्ड का शव वन विभाग के कार्यालय लाया गया है। मामले की जांच की जा रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी लेपर्ड देखे गए थे और वन विभाग को इसकी सूचना दी जा चुकी थी, लेकिन कोई खास इंतजाम नहीं किया गया।

इलाके में बढ़ता खतरा

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में हाल के महीनों में तेंदुओं के हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। बानसूर और आसपास के इलाकों में लेपर्ड की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं। किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं, क्योंकि जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। यह घटना एक बार फिर इंसान-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर करती है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.