उदयपुर में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का सनसनीखेज मामला: कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सहित तीन आरोपी जेल भेजे गए
राजस्थान के उदयपुर जिले के ऋषभदेव क्षेत्र में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष रूपलाल मीणा सहित तीन लोगों को राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करने और उसके मांस को पकाकर नॉनवेज पार्टी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 21 दिसंबर को मुखबिर की सूचना पर छापा मारकर रूपलाल, हिस्ट्रीशीटर अर्जुन मीणा और राकेश मीणा को रंगे हाथों पकड़ा। पूछताछ में जंगल से मोर के अवशेष बरामद हुए। दो दिन की रिमांड पूरी होने पर कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया। पुलिस को आरोपियों के पहले शिकार न करने के दावे पर संदेह है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
राजस्थान के उदयपुर जिले के ऋषभदेव क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार और उसके मांस को पकाकर पार्टी करने के आरोप में कांग्रेस के स्थानीय नेता सहित तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद इन सभी आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
घटना की पूरी जानकारी यह मामला 21 दिसंबर 2025 का है। ऋषभदेव थाना क्षेत्र के बीलख गांव में कांग्रेस के ऋषभदेव ब्लॉक अध्यक्ष रूपलाल मीणा (या रूपलाल) के निजी खेत पर यह वारदात हुई। खेत पर एक कमरा बना हुआ है, जहां तीनों आरोपी नॉनवेज पार्टी की तैयारी कर रहे थे। आरोपियों ने मोर का शिकार किया, उसके मांस को पकाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि खेत पर मोर का शिकार कर नॉनवेज पार्टी चल रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ऋषभदेव पुलिस ने मौके पर छापा मारा और तीनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी हैं:रूपलाल मीणा – कांग्रेस के ऋषभदेव ब्लॉक अध्यक्ष, जिनका खेत है।अर्जुन मीणा (या अर्जुनलाल) – कुख्यात हिस्ट्रीशीटर, जिसके खिलाफ 50 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 16 से ज्यादा राजस्थान में।राकेश मीणा – अर्जुन का दोस्त।मौके से पुलिस ने मोर का मांस, शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री और अन्य सबूत बरामद किए। वन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर शव की जांच की और मोर होने की पुष्टि की। सैंपल लेकर उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पूछताछ में क्या सामने आया? थानाधिकारी हेमंत अहारी के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर जंगल से मोर के पैर, पंख और अन्य अवशेष बरामद किए गए। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने नॉनवेज पार्टी के इरादे से मोर का शिकार किया और उसे पकाकर खाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि यह उनका पहली बार का शिकार था। पुलिस को इस बात पर संदेह है और आगे की जांच जारी है।
कानूनी कार्रवाई और वन्यजीव संरक्षण मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत इसका शिकार करना गंभीर अपराध है। इसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां पहले उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि पूरी होने पर बुधवार को फिर पेशी हुई और जेल भेजा गया।पुलिस ने घटना के बाद आसपास के जंगली इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है ताकि ऐसी वारदातें दोबारा न हों।