जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की CBSE मान्यता रद्द: 9 साल की छात्रा अमायरा की आत्महत्या मामले में बड़ा एक्शन

जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में क्लास 4 की 9 साल की छात्रा अमायरा की 1 नवंबर 2025 को आत्महत्या के बाद CBSE ने स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। जांच में लंबे समय से चली बुलिंग की शिकायतों पर कोई कार्रवाई न करना, सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन, अपर्याप्त CCTV, काउंसलिंग सिस्टम की विफलता और घटना के बाद सबूत मिटाने जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। मौत से पहले बच्ची ने 5 बार टीचर से मदद मांगी लेकिन अनसुना कर दिया गया। नए एडमिशन बंद, मौजूदा 10वीं-12वीं के छात्र 2025-26 में परीक्षा दे सकेंगे, जबकि अन्य को ट्रांसफर करना होगा।

Dec 31, 2025 - 11:40
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की CBSE मान्यता रद्द: 9 साल की छात्रा अमायरा की आत्महत्या मामले में बड़ा एक्शन

जयपुर के प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सख्त कार्रवाई की है। 30 दिसंबर 2025 को CBSE ने स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर (कक्षा 12 तक) की संबद्धता (एफिलिएशन) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। यह फैसला स्कूल में क्लास 4 की 9 साल की छात्रा अमायरा की आत्महत्या के मामले में जांच के बाद लिया गया। घटना 1 नवंबर 2025 को हुई थी, जब अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी।CBSE ने अपने आदेश में कहा कि स्कूल में छात्र सुरक्षा मानकों का गंभीर और घोर उल्लंघन हुआ है। ऐसे असुरक्षित माहौल में बच्चों को पढ़ाई जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि अगर स्कूल ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल, निगरानी और काउंसलिंग सिस्टम का पालन किया होता, तो यह हादसा पूरी तरह रोका जा सकता था।

घटना का विवरण और बुलिंग की शिकायतें अमायरा स्कूल में लंबे समय से बुलिंग का शिकार थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार:बच्ची के माता-पिता ने डेढ़ साल (18 महीनों) में तीन से अधिक बार शिक्षकों, कोऑर्डिनेटरों और स्कूल प्रशासन से बुलिंग की लिखित और मौखिक शिकायत की थी।मई 2024 में मां ने एक छात्र के अनुचित व्यवहार की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।जुलाई 2024 में बच्ची के रोते हुए ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी गईं, फिर भी अनदेखी की गई।सितंबर 2025 में पीटीएम के दौरान पिता ने खुद एक लड़के को अपनी बेटी को परेशान करते देखा और क्लास टीचर से शिकायत की। टीचर ने जवाब दिया कि "बच्ची को एडजस्ट करना सीखना चाहिए"।स्कूल की एंटी-बुलिंग कमेटी ने कभी माता-पिता से संपर्क नहीं किया और कोई हस्तक्षेप नहीं किया।सबसे चौंकाने वाला खुलासा: मौत से ठीक पहले के आखिरी 45 मिनटों में अमायरा 5 बार अपनी क्लास टीचर के पास मदद मांगने गई, लेकिन टीचर ने उसकी बात नहीं सुनी और कोई ध्यान नहीं दिया। CCTV फुटेज और शिक्षकों के बयानों से पता चला कि घटना के दिन बच्ची गंभीर मानसिक तनाव में थी।

जांच में सामने आईं गंभीर खामियां CBSE की दो सदस्यीय जांच कमेटी ने स्कूल का दौरा किया और कई गंभीर लापरवाहियां पाईं:ऊंची मंजिलों पर सेफ्टी नेट, मजबूत रेलिंग या अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं थे।CCTV कैमरों की निगरानी अपर्याप्त थी।काउंसलिंग सिस्टम पूरी तरह असफल; छात्रों की मानसिक स्थिति पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया।एंटी-बुलिंग, POCSO और चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटियां केवल कागजों पर मौजूद थीं, जमीनी स्तर पर सक्रिय नहीं।छात्रों और स्टाफ के ID कार्ड नहीं पहने जाते थे, जिससे निगरानी कमजोर रही।अलग-अलग फ्लोर पर पर्याप्त स्टाफ तैनात नहीं था।सबसे गंभीर: घटना के बाद मौके से खून के धब्बे साफ कर दिए गए, जिससे फोरेंसिक जांच प्रभावित हुई और पारदर्शिता पर सवाल उठे।20 नवंबर 2025 को CBSE ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। स्कूल का जवाब और दस्तावेज संतोषजनक नहीं पाए गए। बोर्ड ने एफिलिएशन बायलॉज के क्लॉज 2.4, 4.7.6 और 4.7.10 के उल्लंघन का आरोप लगाया।

मौजूदा छात्रों पर असर और भविष्य की व्यवस्था मान्यता रद्द होने के बावजूद CBSE ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए:सत्र 2025-26 में क्लास 10 और 12 के छात्र इसी स्कूल से बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे।नए एडमिशन पूरी तरह बंद; निचली कक्षाओं के छात्रों को क्लास 9 या 11 में प्रमोट नहीं किया जाएगा।वर्तमान क्लास 9 और 11 के छात्रों को सत्र 2026-27 में पास के अन्य स्कूलों में ट्रांसफर करना होगा।

स्कूल मान्यता बहाली के लिए आवेदन कर सकता है: सबसे पहले सत्र 2027-28 से सेकेंडरी स्तर (क्लास 10 तक) के लिए, बशर्ते सभी सुरक्षा मानक और बाल संरक्षण प्रोटोकॉल का पूरा पालन हो।सीनियर सेकेंडरी स्तर (क्लास 12 तक) की बहाली इसके कम से कम दो साल बाद संभव।

स्कूल की ओर से कार्रवाई घटना के लगभग 50 दिन बाद (दिसंबर 2025 में) स्कूल ने अमायरा की क्लास टीचर पुनीता शर्मा और मैथ्स टीचर रचना को सस्पेंड किया। यह कदम CBSE और राजस्थान शिक्षा विभाग के दबाव के बाद उठाया गया माना जा रहा है।

निष्कर्ष और उठते सवाल यह मामला न केवल एक स्कूल की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है। अमायरा के माता-पिता ने लंबे समय से न्याय की मांग की थी और CBSE के इस फैसले का स्वागत किया है। वे राजस्थान सरकार से भी स्कूल की राज्य स्तर की मान्यता रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.