बीकानेर में एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी: घरेलू सिलेंडर अब 926 रुपये, कॉमर्शियल 1947 रुपये; बुकिंग के लिए अब 21 दिन का इंतजार
बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस कीमतों के उछाल के कारण एलपीजी सिलेंडर महंगे हो गए हैं। घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत 866 से बढ़कर 926 रुपये (60 रुपये की बढ़ोतरी) हो गई है, जबकि 19 किलो कॉमर्शियल सिलेंडर 1833 से 1947 रुपये (114 रुपये बढ़ोतरी) हो गया है। साथ ही बुकिंग नियम सख्त कर दिए गए हैं—अब एक सिलेंडर बुक करने के 21 दिन बाद ही नया बुक हो सकेगा। इससे घरेलू बजट और होटल-ढाबों की लागत पर असर पड़ेगा।
बीकानेर। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब भारत के स्थानीय स्तर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बीकानेर में घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के एलपीजी सिलेंडरों के दामों में काफी इजाफा हुआ है। इससे आम घरों से लेकर होटल, रेस्तरां और छोटे खाद्य व्यवसायों तक पर असर पड़ने की संभावना है।
घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी
पेडीवाल गैस एजेंसी के संचालक रमेश पेड़ीवाल ने जानकारी दी कि नए रेट्स के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 866 रुपये से बढ़कर 926 रुपये हो गई है। यानी उपभोक्ताओं को हर सिलेंडर पर 60 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ेंगे। यह बढ़ोतरी सरकारी तेल कंपनियों द्वारा हाल ही में लागू की गई है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण हुई है।
कॉमर्शियल सिलेंडर पर भी भारी झटका
व्यावसायिक उपयोग के लिए 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत भी बढ़ गई है। पहले यह 1833 रुपये था, जो अब 1947 रुपये हो गया है। इससे प्रति सिलेंडर 114 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों (जैसे इंडेन, भारतगैस, एचपी गैस) के रेट में थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर यह वृद्धि सभी पर लागू है।
बुकिंग नियमों में सख्ती: अब 21 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक होगा
कीमत बढ़ने के साथ ही बुकिंग के नियम भी बदल दिए गए हैं। अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद अगला सिलेंडर बुक करने के लिए 21 दिन का इंतजार करना होगा। यानी यदि आज आपने सिलेंडर बुक किया, तो अगली बुकिंग 21 दिनों बाद ही संभव होगी। यह बदलाव स्टॉक मैनेजमेंट और सप्लाई चेन को सुचारू रखने के लिए किया गया है, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए यह अतिरिक्त परेशानी का कारण बन सकता है।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें? अंतरराष्ट्रीय बाजार का सीधा असर
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर हो रही घटनाओं से जुड़ी है। मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, तेल आपूर्ति मार्गों (जैसे स्वेज नहर या अन्य रूट्स) में बाधाएं और कच्चे तेल-गैस की कीमतों में तेज उछाल के कारण एलपीजी की लागत बढ़ रही है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में हर उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
व्यापारिक क्षेत्र पर ज्यादा असर
कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतें बाजार के अनुसार तय होती हैं और इनमें बदलाव तेजी से होता है। हाल के महीनों में देशभर में कॉमर्शियल एलपीजी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। नई दरों से होटल, रेस्तरां, ढाबे, छोटे फूड बिजनेस, हलवाई और कैटरिंग वाले व्यवसायों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर भी यह अतिरिक्त बोझ बनेगा, खासकर उन परिवारों पर जहां गैस का इस्तेमाल रोजाना होता है।