भीलवाड़ा में दिल दहला देने वाली घटना: कैंसर से पीड़ित मां ने दो मासूम बच्चों की गला काटकर हत्या की, खुद जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश
भीलवाड़ा के मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में कैंसर से पीड़ित संजू देवी (35) ने रविवार सुबह अपने दो बच्चों - बेटी नेहा (12) और बेटे भैरू (7) - का गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने पति राजू तेली को फोन कर घटना बताई और खुद जहर खा लिया। वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है, जबकि दोनों बच्चे मौके पर ही मृत हो गए। महिला लंबे समय से बीमारी से परेशान थी।
भीलवाड़ा (राजस्थान), 11 जनवरी 2026 — राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सदमा पहुंचा दिया है। मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में एक मां ने अपने दो निर्दोष बच्चों की धारदार हथियार से क्रूर हत्या कर दी। हत्या के बाद महिला ने खुद जहर खा लिया। वह फिलहाल गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
घटना का पूरा विवरण
घटना रविवार सुबह की है, जब पूरा गांव अभी नींद से जाग भी नहीं पाया था। टेंट का बिजनेस करने वाले राजू तेली के घर में उनकी पत्नी संजू देवी (35 वर्ष) ने अपने बेटे भैरू (7 वर्ष) और बेटी नेहा (12 वर्ष) की गला काटकर निर्मम हत्या कर दी। दोनों बच्चे घटनास्थल पर ही खून से लथपथ अवस्था में मृत मिले।
हत्या करने के तुरंत बाद संजू देवी ने अपने पति राजू को फोन किया और भावुक होते हुए कहा—"मैंने दोनों बच्चों को मार दिया है। मैं खुद जहर खाकर मर रही हूं। मैं कैंसर से बहुत परेशान हो चुकी हूं।"यह सुनते ही राजू ने तुरंत पड़ोसियों को सूचना दी। जब पड़ोसी उनके घर पहुंचे तो मुख्य गेट बंद था। उन्होंने कई बार पुकारा, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार कुछ लोग छत पर चढ़कर घर के अंदर घुसे। वहां का नजारा बेहद भयावह था—संजू देवी अपने दोनों बच्चों के पास बेहोश पड़ी मिलीं, जबकि बच्चे खून से सन चुके थे और उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस और अस्पताल की कार्रवाई
मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत संजू देवी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, उन्होंने जहरीला पदार्थ खाया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से धारदार हथियार बरामद किया गया है।
संभावित कारण
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संजू देवी लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थीं। इसी बीमारी के कारण वे मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं। परिवार के लोग बताते हैं कि वह लगातार दर्द और इलाज की विफलता से टूट चुकी थीं। यह दर्द और निराशा शायद इतनी बढ़ गई कि उन्होंने इस बेहद दुखद कदम को उठा लिया।
गांव में मचा कोहराम
इस घटना ने पूरे मानपुरा गांव को स्तब्ध कर दिया है। पड़ोसी और ग्रामीण सदमे में हैं। छोटे-छोटे बच्चों की ऐसी क्रूर मौत देखकर हर कोई रो रहा है। गांव में शोक की लहर है और लोग इस घटना को किसी भी तरह से समझ नहीं पा रहे।