SMS हॉस्पिटल के 38 कर्मचारियों की जनगणना ड्यूटी पर आपत्ति: जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का खतरा, कमिश्नर ने निरस्तीकरण की सिफारिश की

जयपुर के SMS हॉस्पिटल के 65 में से 38 मंत्रालयिक कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी लगाए जाने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने आशंका जताई है कि इससे RGHS, मां योजना, मेडिकल बोर्ड और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर ने कलेक्टर को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों की ड्यूटी निरस्त करने की सिफारिश की है।

Apr 24, 2026 - 12:03
SMS हॉस्पिटल के 38 कर्मचारियों की जनगणना ड्यूटी पर आपत्ति: जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का खतरा, कमिश्नर ने निरस्तीकरण की सिफारिश की

राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों की बड़ी संख्या को जनगणना ड्यूटी में लगा दिया गया। अस्पताल में कुल 65 मंत्रालयिक कर्मचारियों में से 38 को जनगणना कार्य में नियुक्त किए जाने से अस्पताल प्रशासन ने गंभीर चिंता जताई है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारी एक साथ जनगणना कार्य में चले जाते हैं, तो अस्पताल की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इनमें राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS), मां योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना, निरोगी राजस्थान, वीवीआईपी प्रोटोकॉल, मेडिकल बोर्ड, दिव्यांगता प्रमाणन और कोर्ट के आदेशों के तहत होने वाले मेडिकल परीक्षण जैसे कार्य शामिल हैं।

यह आदेश 13 अप्रैल को नगर निगम के आदर्श नगर जोन के उपायुक्त एवं जनगणना अधिकारी द्वारा जारी किया गया था, जिसमें 38 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। आदेश मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उच्च स्तर पर मामला उठाया।

SMS हॉस्पिटल के अधीक्षक ने मेडिकल एजुकेशन विभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों की ड्यूटी निरस्त करने की सिफारिश की। अधीक्षक ने पत्र में स्पष्ट किया कि अस्पताल के दैनिक प्रशासनिक कार्य, फाइलों का निष्पादन और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का संचालन इन कर्मचारियों पर निर्भर है। ऐसे में इनके अनुपस्थित रहने से मरीजों को मिलने वाली सेवाएं बाधित हो सकती हैं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर ने जयपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त करने की सिफारिश की है। साथ ही भविष्य में भी चुनाव और जनगणना जैसे कार्यों से अस्पताल के मंत्रालयिक, लेखा और आईटी स्टाफ को मुक्त रखने का आग्रह किया गया है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर असर न पड़े।

गौरतलब है कि इससे पहले 29 अक्टूबर 2018 को तत्कालीन मुख्य सचिव द्वारा भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि अस्पतालों के मंत्रालयिक, लेखा और आईटी स्टाफ को चुनाव एवं जनगणना जैसे अतिरिक्त कार्यों से मुक्त रखा जाए। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा इस तरह का आदेश जारी किया जाना सवाल खड़े कर रहा है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.