भरतपुर के सरकारी स्कूल में छत ढहने का हादसा: टीचर की त्वरित सूझबूझ से बची 28 बच्चों की जान, वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर

भरतपुर के महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल, नगला भगत में क्लासरूम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, लेकिन टीचर की त्वरित सूझबूझ से 28 बच्चों की जान बच गई। चटकने की आवाज सुनते ही टीचर ने बच्चों को बाहर निकाला और घटना का वीडियो भी बनाया। स्कूल भवन जर्जर है, दरारें आई हुई हैं, लेकिन 24 घंटे बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे। यह घटना झालावाड़ हादसे की याद दिलाती है और सरकारी स्कूलों की बदहाली उजागर करती है।

Mar 1, 2026 - 15:55
भरतपुर के सरकारी स्कूल में छत ढहने का हादसा: टीचर की त्वरित सूझबूझ से बची 28 बच्चों की जान, वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर

भरतपुर, राजस्थान: एक बार फिर सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत ने बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा लिया। महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल, नगला भगत में क्लासरूम की छत अचानक भरभराकर गिर गई, लेकिन एक टीचर की सूझबूझ और सतर्कता से दर्जनों बच्चों की जान बच गई। अगर बच्चे समय पर बाहर नहीं निकाले जाते, तो झालावाड़ जैसा बड़ा दर्दनाक हादसा दोहराया जा सकता था। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी अधिकारी स्कूल पहुंचे नहीं, जबकि टीचर ने पूरा वीडियो रिकॉर्ड कर लिया है।

घटना का विवरण

घटना कल दोपहर करीब 3 बजे की है। स्कूल में कल होली का त्योहार मनाया गया था। बच्चे होली खेलकर फ्री हो चुके थे और टीचर उन्हें होली के महत्व के बारे में बता रहे थे। अचानक छत से चटकने की तेज आवाज आई। टीचर ने तुरंत बच्चों को चेतावनी दी - "बच्चों, बाहर निकल जाओ! छत टूट सकती है!" सभी बच्चों को जल्दी से क्लासरूम से बाहर निकाल दिया गया। महज 15 मिनट बाद छत की पट्टियां (स्लैब) भरभराकर गिर गईं। क्लासरूम में धूल-मिट्टी का गुब्बार उठ गया और मलबा बिखर गया।

स्कूल में कुल करीब 28 बच्चे पढ़ते हैं, और यह हादसा 6वीं कक्षा के क्लासरूम में हुआ। गनीमत रही कि कोई बच्चा अंदर नहीं था, अन्यथा जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।

प्रिंसिपल जवाहर सिंह का बयान

स्कूल के अध्यक्ष (प्रिंसिपल) जवाहर सिंह ने बताया, "मैं घर पर था, स्कूल से फोन आया कि क्लास की छत चटक रही है। मैं तुरंत पहुंचा। जैसे ही मैं स्कूल में था, अचानक तेज आवाज आई। चीख-पुकार मच गई। छत की पट्टियां गिर गईं और रेत-धूल का गुब्बार निकला। चटकने की आवाज सुनते ही टीचर ने बच्चों को बाहर निकाल लिया था। एक टीचर ने गिरते हुए पट्टियों का वीडियो भी बना लिया। अगर ऐसा नहीं होता, तो बड़ा हादसा हो जाता।"

छात्रा जाह्नवी का अनुभव

6वीं कक्षा की छात्रा जाह्नवी ने बताया, "कल स्कूल में होली खेली गई थी। हम सब होली खेलकर फ्री हो गए थे। टीचर होली के बारे में बता रहे थे। तभी छत से चटकने की आवाज आई। टीचर ने तुरंत कहा - 'बच्चों, बाहर निकल जाओ, छत टूट सकती है!' हम सब तेजी से बाहर भागे। टीचर ने हमें सुरक्षित बाहर निकाला।"

स्कूल भवन की जर्जर स्थिति

स्कूल की इमारत पहले से ही जर्जर है। बिल्डिंग में कई जगहों पर गहरी दरारें आ चुकी हैं। छत की पट्टियां चटक रही थीं, और अन्य कमरों में भी ऐसी ही स्थिति है। यह घटना राजस्थान के कई सरकारी स्कूलों की बदहाली को उजागर करती है, जहां बच्चों को ऐसे खतरनाक भवनों में पढ़ना पड़ रहा है।

वीडियो और आधिकारिक प्रतिक्रिया

एक टीचर ने स्मार्टफोन से छत गिरने का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें चटकने की आवाज, धूल का गुब्बार और पट्टियां गिरते हुए साफ दिख रहे हैं। यह वीडियो घटना की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि, घटना के 24 घंटे बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.