बाड़मेर के सिणधरी कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में गर्ल्स स्टूडेंट्स पर वार्डन और गार्ड की बेरहमी: मारपीट, धमकी और अस्पताल भेजी गईं दो बच्चियां
बाड़मेर के सिणधरी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में वार्डन और गार्ड ने 50 से ज्यादा छात्राओं पर बेरहमी से मारपीट की। रोती-बिलखती बच्चियां हॉस्टल से बाहर निकलीं, दो की हालत गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती। झूठे मुकदमे की धमकी भी दी गई। वायरल वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में, FIR और जांच शुरू।
बाड़मेर, 26 नवंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले के बालोतरा उपखंड में स्थित सिणधरी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (KGBV) में बुधवार शाम को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली दर्जनों छात्राओं पर महिला वार्डन और गार्ड ने कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित छात्राओं का आरोप है कि उन्हें न केवल शारीरिक यातनाएं दी गईं, बल्कि झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी गई। इस घटना का एक मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें रोती हुई बच्चियां हॉस्टल से बाहर भागती नजर आ रही हैं। दो छात्राओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना का पूरा विवरण: शाम 7 बजे की वो काली रात घटना बुधवार, 26 नवंबर 2025 को लगभग शाम 7:00 बजे हुई। सिणधरी कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल एक सरकारी संस्थान है, जो मुख्य रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बालिकाओं को मुफ्त शिक्षा और आवास प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित होता है। यहां करीब 50 से अधिक छात्राएं रहती हैं, जिनकी उम्र 10 से 14 वर्ष के बीच है। सूत्रों के अनुसार, शाम के समय हॉस्टल में कुछ छात्राओं के बीच मामूली विवाद हुआ, जिसके बाद वार्डन और गार्ड ने इसे बहाना बनाकर सामूहिक सजा के रूप में मारपीट शुरू कर दी।पीड़ित छात्राओं ने बताया कि वार्डन ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए हाथों से थप्पड़ मारे और चप्पलों से पीटा। गार्ड ने भी लाठी-डंडों का सहारा लिया। छात्राओं का कहना है कि मारपीट के दौरान वार्डन ने चिल्लाते हुए कहा, "अगर किसी ने शिकायत की तो झूठे केस में फंसा दूंगी, तुम्हारे मां-बाप को जेल भिजवा दूंगी।" यह धमकी छात्राओं को इतना भयभीत कर गई कि वे चुपचाप सहती रहीं। लेकिन अंततः दर्द और डर से कुछ छात्राएं रोते-रोते हॉस्टल के बाहर भाग आईं।वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कम से कम 10-12 बच्चियां आंसुओं से भीगी आंखों के साथ स्कूल गेट पर खड़ी हैं। उनके चेहरे पर डर और दर्द साफ झलक रहा है। एक बच्ची के हाथ पर खरोंच के निशान दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी की कमर पर सूजन आ गई है। वीडियो में पीछे से अन्य छात्राओं की आवाजें आ रही हैं, जो एक-दूसरे को सांत्वना दे रही हैं। यह वीडियो स्थानीय लोगों द्वारा बनाया गया लगता है, जो घटना के तुरंत बाद शूट किया गया।
दो छात्राओं की हालत गंभीर: अस्पताल में भर्ती मारपीट की चपेट में आई दो छात्राओं—जिनकी उम्र क्रमशः 12 और 13 वर्ष बताई जा रही है—की हालत बिगड़ गई। उनमें से एक को सिर में चोट लगी, जबकि दूसरी को पेट में तेज दर्द हुआ। हॉस्टल प्रबंधन ने आनन-फानन में उन्हें बालोतरा के सरकारी अस्पताल भेजा। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन पूर्ण जांच के बाद ही डिस्चार्ज किया जाएगा। अभिभावकों को सूचना दे दी गई है, और वे रास्ते में हैं। एक अभिभावक ने फोन पर बताया, "मेरी बेटी को फोन आया तो वह रो रही थी। वह कह रही थी कि वार्डन ने उसे इतना मारा कि सांस लेना मुश्किल हो गया। हम तुरंत पहुंच रहे हैं।"
वार्डन की बहन का बचाव: "दो लोग 50 छात्राओं को कैसे पीट सकते हैं? "घटना के बाद वार्डन के परिवार ने सफाई पेश की है। वार्डन की बहन ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह सब झूठ है। मेरी बहन और एक गार्ड अकेले कैसे 50 छात्राओं को पीट सकते हैं? बच्चियां शरारत करती हैं, और वार्डन सिर्फ डांटती हैं। वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।" उन्होंने दावा किया कि छात्राओं ने खुद ही हंगामा किया और बाहर भागीं। हालांकि, यह बयान पीड़ित छात्राओं के आरोपों से मेल नहीं खाता, और स्थानीय लोगों ने इसे "अन्याय का बचाव" करार दिया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया: जांच शुरू, कार्रवाई का ऐलान घटना की जानकारी मिलते ही बालोतरा उपखंड अधिकारी (SDO) और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। SDO ने बताया, "हमने छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं। प्रारंभिक जांच में मारपीट के आरोप सही पाए गए हैं। वार्डन और गार्ड के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है। शिक्षा विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है।" जिला कलेक्टर ने एक बयान जारी कर कहा, "बच्चियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। स्कूल में काउंसलिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे।"शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। केंद्र सरकार की 'कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना' के तहत ये संस्थान बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए हैं, लेकिन प्रबंधन की लापरवाही से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। बाड़मेर जिले में कुल 15 ऐसे स्कूल हैं, और इस घटना के बाद सभी पर निगरानी बढ़ा दी गई है।