किसानों को बड़ी राहत: बाड़मेर में 1.10 लाख किसानों के खातों में 21 दिसंबर से आएंगे 261 करोड़ रुपये
राजस्थान के बाड़मेर जिले में 2022 की रबी फसल को हुई ओलावृष्टि से प्रभावित 1.10 लाख किसानों को तीन साल बाद बड़ी राहत मिलने वाली है। राज्य सरकार 261 करोड़ रुपये की अनुदान राशि 21 दिसंबर से किसानों के खातों में जमा करेगी, जिसमें बढ़ी हुई दरों से मुआवजा शामिल है। किसानों के आंदोलन के बाद यह राशि जारी की जा रही है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले के किसानों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत की खबर आई है। वर्ष 2022 की रबी फसल के दौरान मार्च महीने में हुई भयंकर ओलावृष्टि और बारिश ने हजारों किसानों की फसलों को तबाह कर दिया था। इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित करीब 1.10 लाख किसानों को अब राज्य सरकार की ओर से कुल 261 करोड़ रुपये की आदान-अनुदान राशि मिलने वाली है। यह राशि 21 दिसंबर 2025 से सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
तीन साल बाद मिली राहत, आंदोलन के बाद तेज हुई प्रक्रिया 2022 में हुई ओलावृष्टि से रबी फसलों (जैसे गेहूं, जौ, सरसों आदि) को भारी नुकसान हुआ था। किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि तीन वर्षों तक विभिन्न कारणों से अटकी रही, जिससे किसानों में काफी असंतोष था। हाल ही में गुड़ामालानी क्षेत्र में किसानों ने आंदोलन किया और ट्रैक्टर मार्च निकाला। इस प्रदर्शन के बाद सरकार हरकत में आई और बाड़मेर जिले की पूरी अटकी हुई अनुदान राशि जारी करने का आदेश दिया गया। अब जिलों को बजट आवंटित किया जा रहा है ताकि समय पर राशि किसानों तक पहुंच सके।
राशि की स्थिति: 82 करोड़ जारी, 179 करोड़ जल्द राज्य सरकार ने पहले चरण में 16,000 किसानों के लिए 82 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। इसकी बिलिंग पूरी हो चुकी है और यह राशि शीघ्र ही खातों में ट्रांसफर हो जाएगी। इसके अलावा, बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी ने 4 दिसंबर को दो आदेश और 5 दिसंबर को एक आदेश जारी कर करीब 94,000 किसानों के लिए 179 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। 10 दिसंबर को जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से इन 179 करोड़ रुपये की मांग की, जो अब 1-2 दिनों में रिलीज हो जाएगी।कुल मिलाकर, 82 करोड़ + 179 करोड़ = 261 करोड़ रुपये की यह राशि जिले के 1.10 लाख से अधिक किसानों में वितरित की जाएगी।
पहली बार बढ़ी हुई अनुदान राशि का लाभ सरकार ने अनुदान राशि में वृद्धि की है, जो किसानों के लिए अतिरिक्त राहत है:पहले (2023 से पहले): खरीफ फसल नुकसान पर अधिकतम 13,600 रुपये (प्रति हेक्टेयर आधार पर)। रबी फसल नुकसान पर अधिकतम 27,200 रुपये।अब (2023 से लागू नई दरें):खरीफ फसल: अधिकतम 2 हेक्टेयर तक 17,000 रुपये (प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये)।रबी फसल: अधिकतम 2 हेक्टेयर तक 34,000 रुपये (प्रति हेक्टेयर 17,000 रुपये)। बढ़ोतरी से प्रभावित किसानों को पहले की तुलना में अधिक मुआवजा मिलेगा, जो उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगा।