बाड़मेर में दर्दनाक सड़क हादसा: चचेरे भाइयों की बाइक ट्रैक्टर से टकराई, दोनों की मौके पर मौत
राजस्थान के बाड़मेर जिले के धनाऊ थाना क्षेत्र में मीठे का तला के पास बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। हरीश (22) और पेमाराम (26) बाइक पर गांव लौट रहे थे, तभी अंधेरे में आगे चल रहे ट्रैक्टर से उनकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों शादीशुदा थे और अपने छोटे-छोटे बच्चों के लिए परिवार की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक सड़क दुर्घटना ने दो परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है। धनाऊ थाना क्षेत्र के मीठे का तला गांव के पास बीती रात करीब साढ़े आठ बजे हुई इस घटना में दो चचेरे भाइयों की जान चली गई। दोनों युवक बाइक पर अपने गांव बूथ राठौड़ान लौट रहे थे, तभी अंधेरे में आगे चल रहे ट्रैक्टर से उनकी बाइक जोरदार टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों मौके पर ही जीवन की जंग हार गए।
हादसे का विवरण मृतक युवकों की पहचान हरीश (22 वर्ष) पुत्र लाधाराम और उसके चचेरे भाई पेमाराम (26 वर्ष) पुत्र सिरदाराम के रूप में हुई है। दोनों मीठे का तला से बाइक पर सवार होकर अपने गांव की ओर जा रहे थे। गांव से महज दो किलोमीटर दूर पहुंचते ही उनकी बाइक आगे चल रहे ट्रैक्टर से भिड़ गई। सीआई दीपसिंह के मुताबिक, दोनों ट्रैक्टर के पीछे से अंदर घुसे थे, जिससे टक्कर बेहद गंभीर हो गई। दोनों युवक बाइक सहित सड़क पर जा गिरे और गंभीर चोटें आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए और पुलिस को खबर दी। धनाऊ थानाधिकारी दीपसिंह मय जाब्ते के तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौका-मुआयना किया और दोनों शवों को वाहन में लादकर धनाऊ अस्पताल की मोर्च्यूरी में रखवाया। परिजनों को सूचना दी गई। फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
मृतक दोनों किसान और मजदूर थे, परिवार पर टूटा दुख का पहाड़ मृतक हरीश और पेमाराम दोनों खेती-बाड़ी के साथ-साथ मजदूरी का काम करते थे। दोनों शादीशुदा थे और अपने परिवार की जिम्मेदारी निभा रहे थे। पेमाराम के तीन बच्चे हैं—दो बेटियां और एक बेटा—जबकि हरीश के दो बेटियां हैं। इस हादसे से छोटे-छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार वाले गमगीन हैं और गांव में मातम का माहौल है।