अलवर में फर्जी पुलिस बनकर ई-मित्र संचालक से साढ़े 5 लाख की ठगी और ब्लैकमेलिंग का दिल दहला देने वाला मामला
अलवर के जटियाना गांव में ई-मित्र संचालक रति मोहम्मद को गांव के ही 9 युवकों ने पहले उधार का विश्वास बनाया, फिर फर्जी साइबर केस और पुलिस बनकर डराया, गुड़गांव ले जाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाया और ब्लैकमेल कर साढ़े 5 लाख रुपए ठग लिए। लगातार ब्लैकमेलिंग से तंग आकर पीड़ित ने आत्महत्या की कोशिश की। 28 नवंबर को मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के विजय मंदिर थाना क्षेत्र के जटियाना गांव में एक ई-मित्र एवं खाद-बीज दुकान चलाने वाले रति मोहम्मद (उम्र करीब 35-40 वर्ष) के साथ गांव के ही 9 युवकों ने मिलकर इतनी सुनियोजित ठगी और ब्लैकमेलिंग की कि पीड़ित ने 10 नवंबर को आत्महत्या करने की कोशिश तक कर ली। कुल साढ़े पांच लाख रुपए से ज्यादा की रकम ठगने के साथ-साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाकर लगातार ब्लैकमेल किया गया।
ठगी की शुरुआत – विश्वास बनाने का खेल (फरवरी 2024) आरोपी युवक फरवरी 2024 से ही रति मोहम्मद की दुकान पर आना-जाना शुरू कर चुके थे। पहले छोटी-छोटी रकम (कुछ सौ से कुछ हजार रुपए) उधार ली और समय पर लौटा दी, साथ ही ब्याज भी दिया।इससे रति मोहम्मद का पूरा भरोसा इन युवकों पर हो गया।इसके बाद आरोपियों ने करीब 50,000 रुपए उधार लिए और लौटाने से इनकार कर दिया।जब रति मोहम्मद ने पैसे मांगे तो “जल्दी लौटा देंगे” कहकर बार-बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाए और रकम बढ़ाते चले गए।
फर्जी साइबर फ्रॉड केस का डर दिखाकर उगाही करीब एक महीने बाद जब पीड़ित ने सख्ती दिखाई तो मुख्य आरोपी ताहिर ने फोन करके कहा कि वह तिजारा के पास भिंडूसी में है और साइबर फ्रॉड के एक केस में पुलिस उसे पकड़ने वाली है। इसके तुरंत बाद एक अन्य व्यक्ति ने फोन पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर रति मोहम्मद से बात की और कहा कि “ताहिर ने तुम्हारे अकाउंट से फ्रॉड किया है, तुम भी फंस जाओगे, पैसे जमा कराओ तो केस रफा-दफा हो जाएगा”।डर के मारे रति मोहम्मद ने बार-बार अलग-अलग अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए।
गुड़गांव ले जाकर बनाया आपत्तिजनक वीडियो आरोपियों ने रति मोहम्मद को बहला-फुसलाकर गुड़गांव के किसी बार में ले गए।वहां शराब पिलाई और कुछ लड़कियों के साथ डांस कराते हुए उसका अश्लील वीडियो बना लिया।इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार पैसे वसूलने शुरू कर दिए।पीड़ित का कहना है कि यह वीडियो दिखाकर उसे बार-बार ब्लैकमेल किया गया और परिवार-सम्मान के डर से वह चुप रहा।
फिर फर्जी पुलिस का ड्रामा – 45 हजार की आखिरी मांग एक दिन फिर ताहिर ने फोन करके कहा कि रामगढ़ पुलिस ने उसे पकड़ लिया है।इसके बाद एक अन्य आरोपी ने खुद को “साइबर सेल इंस्पेक्टर शाहिद” बताकर फोन किया और 45,000 रुपए तुरंत जमा करने को कहा।इस तरह छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन के जरिए कुल मिलाकर करीब 5.50 लाख रुपए से ज्यादा की रकम ठग ली गई।
फर्जी चेक देकर और धोखा जब पीड़ित ने पूरी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने किसी तीसरे व्यक्ति के नाम का चेक दिया और कहा कि “इसे बैंक में जमा कर लो, पैसे आ जाएंगे”।बाद में चेक फर्जी निकला और बाउंस हो गया।
डिप्रेशन में आत्महत्या की कोशिश लगातार ब्लैकमेलिंग, पैसों की तबाही और समाज में बदनामी के डर से रति मोहम्मद पूरी तरह टूट गया।10 नवंबर 2024 की सुबह उसने घर में पंखे से चुन्नी बांधकर आत्महत्या करने की कोशिश की।संयोग से उसकी पत्नी कमरे में आ गई और शोर मचाने पर परिवार वालों ने उसे बचा लिया।तभी परिवार को पूरी सच्चाई पता चली।
पुलिस में शिकायत और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं 28 नवंबर 2024 को विजय मंदिर थाने में रति मोहम्मद ने 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी हैं:ताहिर,आदिल,वारीश,सयाबू,साजिद,जुलफैद,राहुल,तैय्यब,ताहिर पुत्र तैय्यस, सभी आरोपी जटियाना गांव के ही रहने वाले हैं।पीड़ित का आरोप है कि एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद पुलिस ने न तो किसी आरोपी को गिरफ्तार किया और न ही कोई ठोस कार्रवाई की।