अजमेर में महिला एएनएम को अश्लील मैसेज भेजकर ब्लैकमेल करने का मामला: फोटो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे, पुलिस ने दर्ज किया केस
अजमेर में स्वास्थ्य विभाग की एक महिला एएनएम को अज्ञात व्यक्ति ने इंस्टाग्राम पर अश्लील मैसेज भेजकर परेशान किया। आरोपी ने उसकी निजी फोटो वायरल करने और परिवार, ऑफिस व पड़ोस में भेजने की धमकी देकर पैसे की मांग की। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अजमेर (राजस्थान) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला एएनएम (ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफ) को सोशल मीडिया पर लगातार परेशान किया जा रहा है। पीड़ित युवती, जो स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद पर कार्यरत है, ने आरोप लगाया है कि एक अज्ञात व्यक्ति उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर अश्लील मैसेज भेज रहा है और उसकी निजी फोटो को वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग कर रहा है।
पीड़िता की शिकायत के मुख्य बिंदु पीड़िता ने पुलिस थाने में दी गई शिकायत में विस्तार से बताया कि:अज्ञात आरोपी उसके इंस्टाग्राम आईडी पर बार-बार अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेज रहा है।आरोपी ने उसकी कुछ निजी फोटो को संपादित या गलत तरीके से इस्तेमाल कर वायरल करने की धमकी दी है।इन फोटो को पहले से ही परिवार के सदस्यों को भेज दिया गया है, जिससे पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक प्रताड़ना हो रही है।आरोपी ने फोटो को ऑफिस के सहकर्मियों और आस-पड़ोस में वायरल करने की भी धमकी दी है, ताकि पीड़िता की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा सके।इन धमकियों के बदले आरोपी पैसे की डिमांड कर रहा है, और लगातार पीड़िता व उसके परिवार को परेशान किया जा रहा है।यह मामला साइबर ब्लैकमेलिंग और सेक्सटॉर्शन का क्लासिक उदाहरण है, जहां आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर महिलाओं को टारगेट करते हैं। पीड़िता ने बताया कि इस तरह की हरकतों से वह बेहद तनाव में है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
पुलिस की कार्रवाई पीड़िता की शिकायत मिलते ही अजमेर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें अश्लील सामग्री भेजना, ब्लैकमेलिंग, धमकी देना और साइबर अपराध से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी की पहचान करने के लिए इंस्टाग्राम अकाउंट की डिटेल्स, आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी सबूत जुटाए जा रहे हैं। साइबर सेल की टीम को भी मामले की गहन जांच सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी तक पहुंचा जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ते साइबर अपराधों की चिंता यह मामला राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते साइबर अपराधों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट्स से इस तरह की हरकतें आम हो रही हैं। महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अनजान लोगों से चैट न करें, प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें और किसी भी धमकी मिलने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।