अज्ञात वाहन की टक्कर से भेड़िये की मौत विलुप्त प्रजाति पर मंडराया खतरा!
जोधपुर रिंग रोड पर रविवार रात अज्ञात वाहन की टक्कर से संरक्षित भेड़िया की मौत। पर्यावरण प्रेमी रामनिवास ने वन विभाग को सूचित किया। विलुप्तप्राय प्रजाति पर खतरा, साइन बोर्ड व जागरूकता की मांग।
जोधपुर:-राजस्थान के जोधपुर शहर में रिंग रोड पर एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना ने पर्यावरण प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है। रविवार देर रात बुद्ध नगर से डांगियावास के बीच सूरज बासनी इलाके के पास एक अज्ञात वाहन की तेज रफ्तार टक्कर से एक दुर्लभ भेड़िया की मौके पर ही मौत हो गई। यह भेड़िया वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित और विलुप्तप्राय प्रजाति का जीव है, जिसकी मौत ने पर्यावरणीय संतुलन पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।घटना की रात करीब 11 बजे की है।
पर्यावरण प्रेमी रामनिवास बुध नगर अपने घर की ओर लौट रहे थे। अचानक सड़क किनारे पड़े मृत भेड़िये को देखकर वे स्तब्ध रह गए। भेड़िया गंभीर रूप से घायल था और टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी तुरंत मौत हो चुकी थी। रामनिवास ने फौरन वाहन रोका और वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, ताकि मौत की सटीक वजह और अन्य जांच की जा सके।रामनिवास ने बताया कि भेड़िया प्रकृति के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मांसाहारी जीव छोटे जानवरों की आबादी को नियंत्रित रखता है और पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा है।
जोधपुर के जाजीवाल, बावरला और बुध नगर जैसे इलाकों में भेड़ियों का प्राकृतिक आवास है। यहां ये जीव स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं, लेकिन बढ़ती शहरीकरण और सड़क यातायात ने उनकी जिंदगी को खतरे में डाल दिया है।पर्यावरण प्रेमियों ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि सर्दियों में रात के समय वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे ऐसे हादसे आम हो रहे हैं। रामनिवास ने वन विभाग से मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्गों, रिंग रोड और वन्य क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। ड्राइवरों को वन्य जीवों की मौजूदगी के बारे में सचेत किया जाए। साथ ही, संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएं कि इन इलाकों में स्पीड लिमिट, सावधानी और चेतावनी वाले साइन बोर्ड लगाए जाएं, जैसे 'वन्य जीव क्षेत्र – धीमी गति से चलें'।
यह घटना न केवल एक भेड़िये की मौत है, बल्कि विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण की पुकार है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो जोधपुर जैसे क्षेत्रों से भेड़िए हमेशा के लिए गायब हो सकते हैं। वन विभाग अब जांच कर रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे। पर्यावरण प्रेमी अपील कर रहे हैं कि हर नागरिक सड़क पर सतर्क रहे, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ सकती है।