कार की तेज रफ्तार टक्कर से 8 साल के मासूम प्रियांशु की दर्दनाक मौत: ट्रैक्टर से मामूली चोट के बाद हॉस्पिटल ले जाते समय बाइक को लगी भीषण टक्कर
भरतपुर के बयाना में कुंडा तिराहे पर रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें ट्रैक्टर से मामूली घायल 8 वर्षीय प्रियांशु को बाइक पर अस्पताल ले जाते समय तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। मासूम की मौके पर मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दो परिजन गंभीर घायल। पुलिस ने कार जब्त की, ड्राइवर फरार। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार पर नियंत्रण की मांग की।
राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना कस्बे में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है, जिसमें मात्र 8 साल के निर्दोष बच्चे प्रियांशु की मौत हो गई। यह हादसा रविवार सुबह करीब 9:30 बजे स्टेट हाईवे पर कुंडा तिराहे के पास स्थित बर्फ फैक्ट्री के निकट हुआ। बच्चा पहले ट्रैक्टर की चपेट में आकर मामूली रूप से घायल हुआ था, लेकिन हॉस्पिटल ले जाते समय तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे प्रियांशु की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की पूरी घटना
गाजीपुर गांव के निवासी प्रियांशु (8 वर्ष), पुत्र उदयराम गुर्जर (34), घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर के टायर की चपेट में आने से उनके पैर में खरोंच आई और मामूली चोट लगी। परिवार के सदस्य लोकेश (35 वर्ष), पुत्र मुकुट गुर्जर और रामेश्वर गुर्जर (45 वर्ष), पुत्र हरिसिंह ने तुरंत बच्चे को बाइक पर बिठाकर बयाना के अस्पताल ले जाने के लिए निकल लिए।
लेकिन दुर्भाग्य से रास्ते में कुंडा तिराहे पर सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को आमने-सामने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि 8 साल का मासूम प्रियांशु मौके पर ही नहीं रहा। बाइक पर सवार दोनों बड़े व्यक्ति लोकेश और रामेश्वर भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की और घायलों को बयाना उपजिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस कार्रवाई
बयाना कोतवाली थाना पुलिस ने हादसे वाली कार को जब्त कर लिया है। हालांकि, कार का ड्राइवर मौके पर नहीं मिला और वह फरार बताया जा रहा है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और ड्राइवर की तलाश जारी है। एसएचओ रामगिलास गुर्जर ने घटना की पुष्टि की है।
परिवार की स्थिति और ग्रामीणों की मांग
प्रियांशु तीसरी कक्षा में पढ़ता था और उसके परिवार में एक छोटी बहन भी है। उसके पिता उदयराम गुर्जर पत्थर टाइल लगाने का काम करते हैं। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई गमगीन नजर आया।स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के बाद सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त नियंत्रण लगाने और कुंडा तिराहे पर बेहतर सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह इलाका पहले से ही हादसों के लिए कुख्यात है और बार-बार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों में आक्रोश है।