उदयपुर फाइल्स मामले में 43 दिन में चार्जशीट दाखिल: पुलिस ने हिडन कैमरा वाली डिजिटल घड़ी बरामद की, एआई जनरेटेड वीडियो के सबूत नहीं मिले
उदयपुर फाइल्स मामले में पुलिस ने महज 43 दिनों में आरोपी वकील विशाल गुर्जर के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी है। भाजपा महिला नेता से ब्लैकमेलिंग के इस हाईप्रोफाइल केस में पुलिस ने आरोपी के घर से हिडन कैमरा वाली डिजिटल घड़ी, सैमसंग मोबाइल और मेमोरी कार्ड बरामद किए, जिनमें पीड़िता के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिले। शुरुआती आरोपों के बावजूद एआई जनरेटेड वीडियो के कोई सबूत नहीं मिले। आरोपी फिलहाल जेल में है और उसकी मां की हाईकोर्ट याचिका पर 1 अप्रैल को सुनवाई होगी।
उदयपुर में भाजपा की एक महिला नेता से जुड़े ब्लैकमेलिंग और अश्लील वीडियो वाले चर्चित मामले (उदयपुर फाइल्स) की पुलिस जांच पूरी हो गई है। आरोपी वकील विशाल गुर्जर के खिलाफ महज 43 दिन में ही चार्जशीट अदालत में पेश कर दी गई है। पुलिस ने इस हाईप्रोफाइल मामले में तेजी दिखाते हुए महत्वपूर्ण सबूत जुटाए और उन्हें कोर्ट के सामने रख दिया।
मामले की जांच और चार्जशीट
इस मामले की जांच डिप्टी एसपी गिरवा गोपाल चंदेल ने की। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत उदयपुर की कोर्ट नंबर 4 में चार्जशीट पेश की। पीठासीन अधिकारी मनीष जोशी के सामने यह आरोप पत्र दाखिल किया गया।चार्जशीट में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत पेश किए हैं, जिनमें बरामद डिवाइस और डिजिटल सामग्री शामिल हैं।
पीड़िता की शिकायत
पीड़िता (भाजपा महिला नेता) ने 11 फरवरी 2026 को उदयपुर के भूपालपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी विशाल गुर्जर ने उन्हें अपने ऑफिस बुलाया, कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जब वे बेहोश हो गईं, तो आरोपी ने उनका अश्लील वीडियो बना लिया। बाद में इसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाला।
शुरुआती शिकायत में पीड़िता ने यह भी कहा था कि आरोपी ने एआई (Artificial Intelligence) तकनीक का इस्तेमाल करके वीडियो बनाए या मॉर्फ किए हैं।
पुलिस द्वारा बरामद महत्वपूर्ण सबूत
पुलिस ने आरोपी के घर से कई अहम चीजें जब्त कीं: डिजिटल घड़ी जिसमें हिडन कैमरा लगा हुआ था। यह कैमरा आरोपी के मोबाइल से कनेक्ट रहता था।आरोपी का सैमसंग मोबाइल और मेमोरी कार्ड।इनमें पीड़िता के कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो फाइलें भरी हुई मिलीं।चार्जशीट में जांच अधिकारी ने लिखा है कि आरोपी ने नवंबर 2025 में एक दुकान से यह हिडन कैमरा डिवाइस खरीदा था। दुकानदार को भी गवाह के रूप में शामिल किया गया है। आरोपी के मोबाइल से बरामद वीडियो और ऑफिस में लगे जासूसी कैमरे के सबूत भी चार्जशीट का हिस्सा हैं।
एआई वीडियो का जिक्र नहीं
चार्जशीट की एक अहम बात यह है कि इसमें एआई जनरेटेड वीडियो का कोई जिक्र या सबूत नहीं है। शुरुआत में चर्चा थी कि आरोपी ने एआई की मदद से वीडियो बनाए या मॉर्फ किए, लेकिन पुलिस जांच में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला। पुलिस ने केवल वास्तविक हिडन कैमरा और बरामद डिजिटल सामग्री पर ही फोकस किया।
आरोपी की स्थिति और आगे की सुनवाई
आरोपी विशाल गुर्जर फिलहाल जेल में है। इस बीच, आरोपी की मां ने राजस्थान हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें पुलिस की कार्रवाई, गिरफ्तारी और साक्ष्यों की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। हाईकोर्ट में इस याचिका की अगली सुनवाई 1 अप्रैल 2026 को होगी।
मामले का संदर्भ
यह मामला उदयपुर में काफी चर्चित रहा है और इसे स्थानीय स्तर पर ‘उदयपुर फाइल्स’ नाम से जाना जा रहा है। पुलिस ने महज 43 दिन में जांच पूरी करके चार्जशीट दाखिल कर अपनी कार्यक्षमता का परिचय दिया है। हालांकि, एआई वाले आरोपों के सबूत न मिलने से मामले में एक नया मोड़ आया है।