उदयपुर के बड़गांव में नाबालिग लड़की ने की आत्महत्या : मोबाइल पर ज्यादा बात करने की टोक पर उठाया खतरनाक कदम

उदयपुर के बड़गांव क्षेत्र में 15 साल की लक्ष्मी गमेती ने मोबाइल पर ज्यादा बात करने की मां की टोक से नाराज होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दो दिन तक अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया।

Nov 26, 2025 - 13:57
उदयपुर के बड़गांव में नाबालिग लड़की ने की आत्महत्या : मोबाइल पर ज्यादा बात करने की टोक पर उठाया खतरनाक कदम

उदयपुर।  उदयपुर जिले के बड़गांव थाना क्षेत्र के वेलागढ़ गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मात्र 15 साल की नाबालिग लड़की लक्ष्मी गमेती ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कारण सिर्फ इतना था कि माता-पिता ने उसे मोबाइल फोन पर ज्यादा देर तक बात करने से टोका था।

घटना का विवरण;  पुलिस के अनुसार, 23 नवंबर 2025 (रविवार) की शाम को लक्ष्मी अपने माता-पिता के साथ घर पर थी। तीनों खाना खा रहे थे। इसी दौरान लड़की मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी। माता-पिता ने उसे खाना खाते समय मोबाइल पर बात न करने की हिदायत दी और कहा कि वह मोबाइल का इस्तेमाल बहुत ज्यादा कर रही है। इस बात से लक्ष्मी नाराज हो गई। उसने खाना अधूरा छोड़ा और गुस्से में अपने कमरे में चली गई। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब माता-पिता ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं आया। बार-बार आवाज देने पर भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो परिजनों को शक हुआ। किसी तरह दरवाजा तोड़ा गया तो लक्ष्मी फंदे पर लटकी हुई मिली। वह बेहोश थी। आनन-फानन में परिजन उसे उदयपुर के एम.बी. हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया, लेकिन दो दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सोमवार देर रात करीब 2 बजे लक्ष्मी ने दम तोड़ दिया।

पुलिस क्या बोली? बड़गांव थाने के ASI रणजीत सिंह ने बताया कि मर्ग की कार्यवाही कर शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों के बयानों के आधार पर मामला मोबाइल पर टोकने से नाराजगी का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल जांच जारी है।

बढ़ती चिंता का विषय;  यह कोई पहली घटना नहीं है जब मोबाइल फोन की लत या उससे जुड़े पारिवारिक विवाद के चलते नाबालिग बच्चों ने आत्मघाती कदम उठाया हो। विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरावस्था में बच्चों का भावनात्मक नियंत्रण कमजोर होता है और सोशल मीडिया-मोबाइल की लत उन्हें जल्दी आक्रोशित कर देती है। अभिभावकों को बच्चों से संवाद का तरीका बहुत संवेदनशील रखना चाहिए।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.