ट्रम्प का बड़ा ऐलान: भारत पर टैरिफ घटाएंगे, नई ट्रेड डील जल्द होगी अंतिम, बोले- भारतीयों को मुझसे अभी प्यार नहीं, लेकिन फिर से करने लगेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि भारत और अमेरिका नई व्यापार डील को अंतिम रूप देने के करीब हैं। उन्होंने भारत पर लगे उच्च टैरिफ (50%) को धीरे-धीरे कम करने का ऐलान किया, जो मुख्य रूप से रूसी तेल खरीद के कारण लगाए गए थे। ट्रम्प ने हास्य के साथ कहा, "भारतीय अभी मुझसे प्यार नहीं करते, लेकिन फिर से करने लगेंगे।" यह बयान नए राजदूत सर्जियो गोर के शपथ ग्रहण के दौरान आया। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने वार्ता की प्रगति की पुष्टि की। यह डील द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।

Nov 11, 2025 - 18:36
ट्रम्प का बड़ा ऐलान: भारत पर टैरिफ घटाएंगे, नई ट्रेड डील जल्द होगी अंतिम, बोले- भारतीयों को मुझसे अभी प्यार नहीं, लेकिन फिर से करने लगेंगे

वाशिंगटन/नई दिल्ली, 11 नवंबर 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापारिक वार्ताओं पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। ओवल ऑफिस में आयोजित एक समारोह के दौरान ट्रम्प ने कहा कि दोनों देश एक नए व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका भारत पर लगे उच्च टैरिफ को धीरे-धीरे कम करेगा, जो द्विपक्षीय संबंधों में नई गर्मजोशी का संकेत माना जा रहा है।यह बयान ऐसे समय पर आया है जब वैश्विक व्यापारिक तनावों के बीच भारत-अमेरिका संबंध मजबूत करने की कोशिशें तेज हो रही हैं। ट्रम्प ने हल्के-फुल्के अंदाज में भारतीयों से अपनी पुरानी 'दोस्ती' को याद करते हुए कहा, "वे मुझसे अभी प्यार नहीं करते, लेकिन वे मुझसे फिर प्यार करेंगे।" यह टिप्पणी न केवल हास्यपूर्ण थी, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों की ओर इशारा करती थी।

नए अमेरिकी राजदूत की शपथ ग्रहण: समारोह का केंद्र बिंदु ट्रम्प का यह बयान भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ओवल ऑफिस में दिया गया। सर्जियो गौर ने सोमवार को ही भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में औपचारिक रूप से शपथ ली। यह नियुक्ति अमेरिका की 'इंडो-पैसिफिक' रणनीति के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां भारत को एक प्रमुख साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में ट्रम्प ने व्यक्तिगत रूप से सर्जियो को बधाई दी और कहा कि वे भारत के साथ अमेरिका के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।सर्जियो गौर, जो पहले अमेरिकी विदेश विभाग में दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ रहे हैं, ने शपथ लेते हुए कहा कि उनका फोकस व्यापार, रक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर होगा। ट्रम्प ने समारोह के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष उल्लेख किया और कहा, "मोदी के साथ मेरे शानदार संबंध हैं। हम दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए काम करेंगे।"

टैरिफ में कमी: रूसी तेल खरीद पर लगी पेनल्टी का अंत? ट्रम्प के बयान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भारत पर लगे 50% अमेरिकी टैरिफ को कम करने की बात थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये उच्च टैरिफ मूल रूप से रूस से तेल खरीदने के कारण लगाए गए थे, जो अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन माना जाता था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। ट्रम्प ने कहा, "भारत ने रूसी तेल की खरीद बहुत कम कर दी है। हां, हम टैरिफ कम करेंगे। यह धीरे-धीरे होगा, लेकिन निश्चित रूप से।"यह घोषणा भारत के लिए राहत की सांस लाने वाली है। पिछले कुछ वर्षों में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मच गई थी, और भारत ने रूसी तेल को सस्ते दामों पर खरीदकर अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी की थीं। इससे अमेरिका नाराज था और पेनल्टी के रूप में टैरिफ बढ़ा दिए थे। अब, भारत द्वारा रूसी तेल आयात में कमी (जो हाल के आंकड़ों के अनुसार 40% से अधिक गिर गया है) के बाद ट्रम्प का यह बयान सकारात्मक कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के निर्यात, विशेष रूप से स्टील, एल्यूमीनियम और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में फायदा होगा।

व्यापार समझौते की प्रगति: पीयूष गोयल की पुष्टि ट्रम्प के बयान से पहले ही भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 5 नवंबर को कहा था कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की बातचीत "बहुत अच्छी" चल रही है। उन्होंने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों पक्ष 2026 तक एक व्यापक डील को अंतिम रूप देना चाहते हैं। इस डील में कृषि उत्पादों, डिजिटल ट्रेड, बौद्धिक संपदा अधिकार और सेवाओं के क्षेत्र में नए प्रावधान शामिल हो सकते हैं।भारतीय अधिकारियों के अनुसार, वार्ता का अगला दौर अगले महीने वर्चुअल रूप से होगा, और यदि सब ठीक रहा तो ट्रम्प सरकार के कार्यकाल के अंत तक डील साइन हो सकती है। यह समझौता भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 190 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 500 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखता है।

ट्रम्प का भारत दौरा: अगले साल संभावना ट्रम्प ने अपने बयान में भारत यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि अगले साल (2026) वे भारत आ सकते हैं, जो मोदी के साथ उनकी व्यक्तिगत केमिस्ट्री को मजबूत करने का अवसर होगा। पिछली बार 2020 में 'नमस्ते ट्रम्प' कार्यक्रम के दौरान अहमदाबाद में हुए मेगा रोड शो को याद करते हुए ट्रम्प ने कहा, "भारत में मेरा स्वागत हमेशा शानदार रहा है।" यह दौरा जी-20 शिखर सम्मेलन या द्विपक्षीय वार्ता से जुड़ा हो सकता है।

 ट्रम्प के पहले कार्यकाल (2017-2021) में भारत-अमेरिका संबंध उतार-चढ़ाव भरे रहे थे। जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (जीएसपी) को समाप्त करने और टैरिफ युद्ध के कारण तनाव बढ़ा था। लेकिन कोविड-19 महामारी और चीन के बढ़ते प्रभाव के बाद दोनों देश करीब आए। वर्तमान में, क्वाड गठबंधन और आई2यू2 जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ा है। ट्रम्प का यह बयान 2024 चुनावों के बाद उनकी दूसरी पारी में 'अमेरिका फर्स्ट' नीति को संतुलित करने का प्रयास लगता है, जहां भारत को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखा जा रहा है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.