एसएमएस हॉस्पिटल के सीनियर सर्जन डॉ. बी.एल. यादव का कार्डियक अरेस्ट से निधन: महाराष्ट्र में सेमिनार के दौरान हुई मौत, मेडिकल जगत में शोक की लहर
एसएमएस हॉस्पिटल के सीनियर जनरल सर्जन डॉ. बी.एल. यादव का महाराष्ट्र के गोंदिया में सेमिनार के दौरान कार्डियक अरेस्ट से अचानक निधन हो गया। तीन दिन पहले ही उन्होंने एक महिला के पेट से 10 किलो की गांठ सफलतापूर्वक निकाली थी। वे ASI राजस्थान चैप्टर के निर्विरोध अध्यक्ष और ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर थे। मेडिकल जगत में गहरा शोक।
जयपुर: सवाई मानसिंह (एसएमएस) हॉस्पिटल और एसएमएस मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ जनरल सर्जन एवं प्रोफेसर डॉ. बी.एल. यादव का रविवार को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में कार्डियक अरेस्ट से अचानक निधन हो गया। उनके इस असमय निधन से राजस्थान सहित पूरे देश के मेडिकल जगत में गहरा शोक छा गया है। डॉ. यादव एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (ASI) के राजस्थान चैप्टर के अध्यक्ष भी थे और वे ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
डॉ. बी.एल. यादव महाराष्ट्र में सर्जनों की एक कॉन्फ्रेंस/सेमिनार में भाग लेने के लिए गए हुए थे। रविवार को अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। उनके सहयोगी डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत गोंदिया के एक नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सीपीआर और अन्य आपातकालीन उपचार दिए, लेकिन दुर्भाग्यवश वे बच नहीं सके। प्राथमिक जांच में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है।
उल्लेखनीय है कि महज तीन दिन पहले ही डॉ. यादव ने अपनी टीम के साथ एसएमएस हॉस्पिटल में एक महिला मरीज की जटिल सर्जरी की थी। इस सर्जरी में महिला के पेट से 10 किलोग्राम की बड़ी गांठ सफलतापूर्वक निकाली गई थी, जिससे मरीज को नई जिंदगी मिली थी। यह सफलता डॉ. यादव की सर्जिकल विशेषज्ञता का प्रमाण थी, लेकिन irony यह है कि जिस डॉक्टर ने दूसरों को जीवन दिया, उसी की जान इतनी जल्दी चली गई।
डॉ. बी.एल. यादव जयपुर जिले के बेगस (बेगास) के मूल निवासी थे। वे एसएमएस मेडिकल कॉलेज की जनरल सर्जरी विभाग में सीनियर प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। पिछले साल उन्हें एसएमएस हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर का नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने ट्रॉमा केसों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मेडिकल कम्युनिटी में उनका विशेष सम्मान था। लगभग 6 महीने पहले एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (ASI) राजस्थान चैप्टर के चुनाव में डॉ. यादव निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे। पूरे राजस्थान से किसी अन्य उम्मीदवार ने उनके खिलाफ नामांकन नहीं भरा, जिससे उनकी लोकप्रियता और योगदान का अंदाजा लगता है। इससे पहले वे ASI के राष्ट्रीय स्तर पर तीन वर्ष तक कोषाध्यक्ष भी रह चुके थे।