भतीजी से रेप की कोशिश: चाचा को 10 साल की सख्त सजा, कोर्ट ने कहा- रिश्तों को किया शर्मसार, ऐसे अपराधों पर कड़ा अंकुश जरूरी
सीकर की पॉक्सो कोर्ट ने 17 साल की नाबालिग भती के साथ रेप की कोशिश करने वाले चाचा को 10 साल कठोर कारावास और 52,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा - आरोपी ने रिश्तों को शर्मसार किया, ऐसे अपराधों पर सख्त अंकुश जरूरी है।
सीकर (राजस्थान), 28 नवंबर 2025: राजस्थान के सीकर जिले की पॉक्सो कोर्ट नंबर एक ने एक सनसनीखेज मामले में दोषी चाचा को 17 वर्षीय नाबालिग भतीजी के साथ बलात्कार की कोशिश करने के आरोप में 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साथ ही आरोपी को 52,000 रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है। न्यायाधीश ने फैसले में स्पष्ट कहा कि आरोपी ने न केवल अपनी भतीजी का शोषण करने की कोशिश की, बल्कि पारिवारिक रिश्तों को भी शर्मसार कर दिया। ऐसे जघन्य अपराधों पर कड़ा अंकुश लगाना समाज के हित में अनिवार्य है, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य न हो सके।यह मामला सीकर जिले के एक ग्रामीण इलाके से जुड़ा है, जहां आरोपी चाचा ने अपनी ही नाबालिग भतीजी पर बुरी नीयत रखी। पीड़िता, जो मात्र 17 वर्ष की है, अपने चाचा के घर पर रहती थी। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने लंबे समय से भतीजी पर गलत हरकतें की कोशिशें की थीं। घटना के दिन, आरोपी ने पीड़िता को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की। जब भतीजी ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया।
घटना का पूरा विवरण: धमकी और भागने की साजिश पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना कुछ माह पूर्व हुई थी, जब पीड़िता अपने चाचा के घर पर अकेली थी। आरोपी ने पहले तो पीड़िता को बहला-फुसलाकर शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मानी, तो बलपूर्वक उसके साथ रेप करने का प्रयास किया। संघर्ष के दौरान पीड़िता चिल्लाई और मदद की गुहार लगाई, जिससे आरोपी घबरा गया। उसने तुरंत एक तेज चाकू निकालकर पीड़िता को गला रेतने की धमकी दी और कहा, "अगर किसी को बताया तो तेरी जान ले लूंगा।" डर के मारे पीड़िता चुप हो गई, लेकिन जैसे ही आरोपी घर से बाहर निकला, उसने परिजनों को पूरी घटना बता दी।परिजनों ने तत्काल सीकर के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला पॉक्सो एक्ट (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के तहत दर्ज किया गया। आरोपी चाचा, जो एक स्थानीय किसान था, को कुछ ही दिनों में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में आरोपी के खिलाफ पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के प्रमाण मजबूत साबित हुए। विशेष अभियोजक ने कोर्ट में तर्क दिया कि आरोपी ने न केवल कानून का उल्लंघन किया, बल्कि परिवार की मर्यादा को भी तार-तार कर दिया।
कोर्ट का फैसला: सजा और जुर्माना सीकर की पॉक्सो कोर्ट नंबर एक के न्यायाधीश ने गुरुवार को सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। फैसले में कहा गया, "यह अपराध न केवल एक नाबालिग लड़की के सम्मान पर प्रहार है, बल्कि समाज के मूल्यों को भी चुनौती देता है। आरोपी ने चाचा-भतीजी जैसे पवित्र रिश्ते को शर्मसार किया है। ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाना आवश्यक है, ताकि अन्य लोग सबक लें।" कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (बलात्कार प्रयास) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा, 52,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जो पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।जुर्माना न चुकाने पर आरोपी को अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी पड़ सकती है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी को जेल में रहते हुए काउंसलिंग और सुधारात्मक कार्यक्रमों में भाग लेना होगा।
पीड़िता का बयान और परिवार की प्रतिक्रिया कोर्ट में दिए बयान में पीड़िता ने कहा, "मेरा चाचा, जो मेरा रक्षक होना चाहिए था, उसी ने मेरी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की। धमकी के कारण मैं लंबे समय तक चुप रही, लेकिन न्याय मिलने से अब मन को सुकून मिला है।" पीड़िता के परिवार ने फैसले का स्वागत किया है। उसके पिता ने बताया, "हमारी बेटी को इंसाफ मिला है। यह सजा अन्य अपराधियों के लिए चेतावनी है। हम सरकार से अपील करते हैं कि नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा के लिए और सख्त कदम उठाए जाएं।"