सीकर में 3.5 तीव्रता का भूकंप: रानोली और आसपास के इलाकों में महसूस हुए हल्के झटके, कोई नुकसान नहीं

राजस्थान के सीकर जिले में 7 मार्च की सुबह 6:32 बजे रिक्टर स्केल पर 3.5 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र दांता रामगढ़ ब्लॉक के पास श्रीमाधोपुर से लगभग 23 किमी पश्चिम में था। झटके रानोली और आसपास के गांवों में महसूस किए गए, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है।

Mar 8, 2026 - 17:30
सीकर में 3.5 तीव्रता का भूकंप: रानोली और आसपास के इलाकों में महसूस हुए हल्के झटके, कोई नुकसान नहीं

सीकर (राजस्थान), 8 मार्च 2026 — राजस्थान के सिकर जिले में कल शनिवार सुबह एक हल्का भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई। यह भूकंप राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र द्वारा दर्ज किया गया, और इसमें कोई जनहानि या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है। भूकंप के झटके मुख्य रूप से रानोली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में महसूस किए गए, जहां स्थानीय लोगों ने हल्की कंपन महसूस की।

भूकंप का विवरण कहां आया: भूकंप का केंद्र सिकर जिले में दांता रामगढ़ ब्लॉक के पास था, विशेष रूप से श्री माधोपुर से लगभग 23 किमी पश्चिम में। एपिसेंटर की लोकेशन अक्षांश 27.42°N और देशांतर 75.37°E पर दर्ज की गई। यह इलाका राजस्थान के उत्तरी भाग में है, जहां भूकंपीय गतिविधियां कभी-कभी होती रहती हैं, लेकिन बड़े भूकंप दुर्लभ हैं।  

कब आया: भूकंप 7 मार्च 2026 को सुबह 6:32:59 बजे IST आया। यह समय स्थानीय समयानुसार सुबह का था, जब अधिकांश लोग सो रहे थे या दिन की शुरुआत कर रहे थे।

किस प्रकार आया: भूकंप की गहराई मात्र 5 किमी थी, जो काफी उथली है। उथली गहराई के कारण केंद्र के पास झटके ज्यादा महसूस हुए, लेकिन तीव्रता कम होने से कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा। यह एक हल्का भूकंप था, जिसे रिक्टर स्केल पर 3.5 मापा गया, और इसमें कोई आफ्टरशॉक की रिपोर्ट नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान का यह क्षेत्र जोन III में आता है, जहां मध्यम भूकंपीय जोखिम है। स्थानीय लोगों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड तक महसूस हुए, और घरों में सामान हिल गया, लेकिन कोई डर या भागदौड़ नहीं मची। सिकर पुलिस और प्रशासन ने इलाके का दौरा किया और पुष्टि की कि सब कुछ सामान्य है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.