अलवर में मजदूर की बेटी ने लाए 99% अंक, बेटियों की आधी संख्या से साइंस में पिछड़ा जिला
राजस्थान बोर्ड 12वीं के नतीजों में अलवर साइंस में पिछड़ गया, लेकिन मजदूर की बेटी लक्ष्मी ने 99% अंक हासिल कर मिसाल पेश की।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 12वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस बार अलवर जिले का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जहां साइंस में गिरावट देखने को मिली, वहीं कई छात्रों ने शानदार सफलता हासिल की।
अलवर का ओवरऑल प्रदर्शन
इस साल जिले में कुल 28,646 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए।
- साइंस रिजल्ट: 94.56% (पिछले साल 98.37%)
- कॉमर्स रिजल्ट: 97.43%
- कला संकाय: 96.58%
साइंस स्ट्रीम में गिरावट के कारण अलवर इस बार प्रदेश के कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में शामिल हो गया।
मजदूर की बेटी बनी प्रेरणा
लक्ष्मी ने मैथ साइंस में 99% अंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वह लक्ष्मणगढ़ के केशवानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं। उनके पिता खेतों में मजदूरी करते हैं केवल एक बीघा जमीन से परिवार का पालन-पोषण होता है कठिन परिस्थितियों के बावजूद लक्ष्मी की यह सफलता हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है।
बेटियों का शानदार प्रदर्शन
अलवर में इस बार बेटियों ने शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है:
- कला संकाय में छात्राओं का रिजल्ट 97.77%
- छात्रों का रिजल्ट 95.17%
हालांकि साइंस स्ट्रीम में छात्राओं की संख्या कम रही, जिसका असर कुल परिणाम पर पड़ा।
- छात्र: 6,586
- छात्राएं: 3,143
संख्या कम होने के बावजूद बेटियों का प्रदर्शन मजबूत रहा।
कॉमर्स में छात्रों ने मारी बाजी
कॉमर्स स्ट्रीम में इस बार छात्रों का रिजल्ट छात्राओं से बेहतर रहा:
- छात्र: 98.42%
- छात्राएं: 95.77%
हालांकि इस स्ट्रीम में कुल स्टूडेंट्स की संख्या काफी कम (करीब 500) रही।
क्यों गिरा साइंस का रिजल्ट?
- छात्राओं की संख्या कम होना
- कुल छात्रों की संख्या में असंतुलन
- पिछले साल की तुलना में 4% गिरावट
इन कारणों से साइंस में अलवर पिछड़ गया।
पहली बार बदला रिजल्ट पैटर्न
इस बार राजस्थान में पहली बार 10वीं बोर्ड के बाद 12वीं का रिजल्ट घोषित किया गया, जो एक बड़ा बदलाव है।
क्या कहता है यह रिजल्ट?
संसाधनों की कमी के बावजूद छात्र सफलता हासिल कर रहे हैं, बेटियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं, संतुलित भागीदारी जरूरी है, खासकर साइंस स्ट्रीम में