'SDM-साहब आप नेताओं की वजह से बदमाशी कर रहे हो': ट्रैक्टर मार्च में उतरे किसानों को पुलिस ने रोका, बेरिकेड्स फेंके; गुड़ामालानी में आक्रोश

गुड़ामालानी (बालोतरा जिला) के किसान लंबित मांगों जैसे फसल बीमा क्लेम, आदान अनुदान, धरना स्थल एवं केवीके जमीन से अतिक्रमण हटाने आदि को लेकर आक्रोशित होकर ट्रैक्टरों के साथ एसडीएम कार्यालय की ओर धरना देने निकले। पुलिस ने रास्ते में बेरिकेड्स लगाकर उन्हें रोका, जिस पर भीड़ ने बेरिकेड्स फेंक दिए। किसान नेता एवं निर्वतमान प्रधान बिजलाराम चौहान ने एसडीएम को फोन कर कड़ी नाराजगी जताई और कहा- "SDM-साहब आप नेताओं की वजह से बदमाशी कर रहे हो, एक के चक्कर में बलि चढ़ जाओगे।" पिछले दिसंबर में भी इसी तरह का ट्रैक्टर मार्च निकाला गया था, लेकिन आश्वासन के बावजूद डेढ़ महीने बाद भी मात्र 10% काम हुआ है। क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील है और किसान आगे बड़ा आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।

Jan 20, 2026 - 13:05
'SDM-साहब आप नेताओं की वजह से बदमाशी कर रहे हो': ट्रैक्टर मार्च में उतरे किसानों को पुलिस ने रोका, बेरिकेड्स फेंके; गुड़ामालानी में आक्रोश

बालोतरा जिले के गुड़ामालानी क्षेत्र में किसानों का लंबे समय से चला आ रहा गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर फूट पड़ा। मंगलवार को सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों पर सवार होकर एसडीएम कार्यालय की ओर धरना देने निकले, लेकिन पुलिस ने रास्ते में कई जगहों पर बेरिकेड्स लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान भीड़ ने बेरिकेड्स उठाकर फेंक दिए और तीखी नारेबाजी की।

किसान नेता और गुड़ामालानी के निर्वर्तमान प्रधान बिजलाराम (बिजलाराम चौहान) घटनास्थल पर पहुंचे और एसडीएम को फोन पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने एसडीएम से कहा- "SDM-साहब आप नेताओं की वजह से बदमाशी कर रहे हो। एक के चक्कर में आप बलि चढ़ जाओगे।" बिजलाराम ने आगे कहा कि किसानों की मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं, लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन हमें रोका जा रहा है।

किसानों की प्रमुख मांगें

किसान लंबे समय से निम्नलिखित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं:

फसल बीमा क्लेम का समय पर भुगतान

रबी-खरीफ फसल के लिए लंबित आदान अनुदान की राशि जारी करना

धरना स्थल और केवीके (कृषि विज्ञान केंद्र) की जमीन से अतिक्रमण हटाना

जंगली सूअरों के आतंक से राहत

बिजली-पानी संबंधी समस्याओं का समाधान

अन्य कृषि संबंधित मांगें (कुल 11 सूत्री मांगें)

घटनाक्रम और पिछला इतिहास

5 दिसंबर 2025: किसानों ने एसडीएम गुड़ामालानी को विस्तृत मांग-पत्र सौंपा और आंदोलन की चेतावनी दी।

9 दिसंबर 2025: सैकड़ों (करीब 200) ट्रैक्टरों का काफिला लेकर किसान बाड़मेर/बालोतरा जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) का घेराव करने निकले। अहिंसा सर्कल पर जुटे हजारों किसानों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, वार्ता के बाद किसान वापस लौट गए थे और प्रशासन ने मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

धोरीमन्ना में वार्ता: वहां भी किसानों को रोका गया, जहां एक महीने में सभी मांगों को पूरा करने का वादा किया गया।

वर्तमान स्थिति: डेढ़ महीने (लगभग 40-45 दिन) बीत जाने के बाद भी मांगों पर मात्र 10 प्रतिशत ही काम हुआ है। इससे आक्रोशित होकर किसान फिर से सड़कों पर उतर आए। नीबड़ी फांटा और अन्य स्थानों पर ट्रैक्टरों को रोका गया, जहां कई दौर की बातचीत हुई लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।गुड़ामालानी क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। किसान आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और उनकी वैध मांगों को अनसुना किया जा रहा है। किसान नेताओं का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा, जिसमें हजारों किसान और युवा शामिल होंगे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.