रेगिस्तानी स्वर्ग में आग का कहर जैसलमेर के सम सैंड ड्यून्स में जैन एम्पायर रिसॉर्ट की टेंट सिटी ध्वस्त, 5 लग्जरी टेंट राख.
जैसलमेर के सम सैंड ड्यून्स में जैन एम्पायर रिसॉर्ट में गुरुवार रात 9 बजे अचानक भीषण आग लगी। तेज हवाओं के कारण 5 लग्जरी टेंट पूरी तरह जलकर राख हो गए। रिसॉर्ट में ठहरे 50+ देशी-विदेशी पर्यटक स्टाफ की सतर्कता से सुरक्षित बच निकले। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से 1 घंटे में आग पर काबू पाया गया। शॉर्ट सर्किट संदिग्ध, एफएसएल जांच जारी। लाखों का नुकसान, लेकिन कोई जनहानि नहीं।
जैसलमेर, 31 अक्टूबर 2025: राजस्थान का सुनहरा रेगिस्तान, जो पर्यटकों के लिए स्वप्निल छुट्टियों का प्रतीक है, आज फिर आग की लपटों से दहल उठा। विश्व विख्यात सम सैंड ड्यून्स क्षेत्र में स्थित जैन एम्पायर रिसॉर्ट की टेंट सिटी में गुरुवार रात करीब 9 बजे अचानक भयानक अग्निकांड भड़क उठा। तेज रेगिस्तानी हवाओं ने आग को पंख दे दिए, और मिनटों में ही 5 लग्जरी टेंट पूरी तरह जलकर राख हो गए। लाखों रुपये की संपत्ति—फर्नीचर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और पर्यटकों का सामान—सब कुछ भस्म हो गया। सौभाग्य से, रिसॉर्ट स्टाफ की फुर्तीली कार्रवाई और स्थानीय लोगों की मदद से 50 से अधिक देशी-विदेशी सैलानी सुरक्षित बच निकले, लेकिन पूरा इलाका अफरा-तफरी से भर गया।
घटना का पूरा विवरण: रात की शांति से तबाही तक
सम सैंड ड्यून्स, जैसलमेर से महज 45 किलोमीटर दूर, रेगिस्तानी साहसिक यात्राओं और लक्जरी कैंपिंग का केंद्र है। यहां जैन एम्पायर रिसॉर्ट पर्यटकों को राजस्थानी संस्कृति का अनोखा अनुभव देता है—टेंटों में राजसी सजावट, फोक म्यूजिक प्रोग्राम और ऊंट की सवारी। गुरुवार शाम को रिसॉर्ट परिसर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम जोर-शोर से चल रहा था। सैलानी म्यूजिक और नृत्य का लुत्फ ले रहे थे, तभी एक टेंट में अज्ञात कारणों से आग की चिंगारियां उठीं। शुरुआत छोटी लगी, लेकिन रेगिस्तान की रातों में चलने वाली तेज हवाओं (जो कभी-कभी 40 किमी/घंटा से ज्यादा स्पीड की होती हैं) ने आग को जंगल की आग की तरह भड़का दिया।देखते ही देखते लपटें आसमान छूने लगीं। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि पर्यटक—बच्चों को गोद में उठाए—चिल्लाते-भागते नजर आ रहे हैं। एक पर्यटक ने बताया, "हम म्यूजिक प्रोग्राम में थे, तभी धुआं दिखा। स्टाफ ने हमें तुरंत बाहर निकाला, लेकिन हमारा सामान—कपड़े, कैमरे, बैग—सब जल गया।" चूंकि कार्यक्रम के वक्त ज्यादातर लोग टेंटों से बाहर थे, इसलिए कोई जान गंवाने की नौबत नहीं आई। रिसॉर्ट में ठहरे करीब 50-60 पर्यटक थे, जिनमें विदेशी सैलानी भी शामिल थे।
बचाव अभियान: सामूहिक तत्परता ने रोकी बड़ी त्रासदी
घटना की सूचना मिलते ही सम थाने के एसएचओ बगडूराम ने पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंच गए। रिसॉर्ट कर्मियों ने तुरंत अलार्म बजाया और पर्यटकों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया। स्थानीय ग्रामीणों ने पानी के टैंकर, रेत और उपलब्ध साधनों से हमला बोला। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। खास बात यह कि सम गांव में फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था न होने से जैसलमेर शहर से दमकल वाहन बुलाए गए, लेकिन तब तक स्थानीय प्रयासों से आग बुझ चुकी थी। बचे हुए टेंटों को फाड़कर आग के फैलाव को रोका गया, वरना नुकसान और भयानक हो सकता था।पुलिस ने प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या बिजली के उपकरणों में खराबी का संदेह जताया है, लेकिन सटीक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) टीम को बुलाया गया है। नुकसान का आकलन जारी है, जो लाखों रुपये में होने का अनुमान है। पर्यटकों को वैकल्पिक ठहराने की व्यवस्था की गई है।
बार-बार हो रही आग की घटनाएं, सुरक्षा पर सवाल
यह जैसलमेर के सम क्षेत्र में आग का कोई पहला हादसा नहीं है। अक्टूबर 2024 में अनंतारा रिसॉर्ट में 3 टेंट जले थे, और मार्च 2019 में भी इसी तरह की घटना हुई थी। सम में करीब 150 रिसॉर्ट और कैंप चल रहे हैं, जहां पर्यटन सीजन (अक्टूबर-मार्च) में हजारों सैलानी उमड़ते हैं। लेकिन फायर सेफ्टी की कमी—जैसे स्थानीय फायर स्टेशन का अभाव, पुरानी वायरिंग और हवा से तेज फैलाव—बड़ी मुसीबत बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन हर बार आश्वासन देता है, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाता। हाल ही में बाड़मेर-बीकानेर रैली में नेता हनुमान बेनीवाल ने भी राजस्थान में बढ़ती आग की घटनाओं पर चिंता जताई थी।पर्यटन विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं, और रिसॉर्ट संचालकों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। फिलहाल, सम सैंड ड्यून्स में सुरक्षा चेक बढ़ा दिए गए हैं, ताकि पर्यटकों का विश्वास बना रहे।