राजस्थान विधानसभा में हंगामा और विवाद: यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सदन में थूक दिया, स्पीकर ने निर्दलीय विधायक को टोका
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सदन में ही थूक दिया, जो कैमरे में कैद हो गया और विवादास्पद बन सकता है। वहीं, स्पीकर वासुदेव देवनानी ने निर्दलीय विधायक जीवाराम चौधरी को लंबा भाषण देने पर टोका और सवाल पूछने को कहा। इस दौरान नए जिलों, पानी और अन्य मुद्दों पर भी तीखी बहस हुई, जिससे सदन का माहौल गर्म रहा।
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में कई घटनाओं ने सदन का माहौल गर्म कर दिया। सबसे चर्चित घटना नगरीय विकास एवं आवास (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा की रही, जब उन्होंने सदन में ही थूक दिया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और सदन में विवाद का कारण बन सकती है।
यूडीएच मंत्री का सदन में थूकना
प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक कुलदीप धनखड़ के पूरक सवाल का जवाब देते हुए यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने 11 बजकर 34 मिनट पर बोलना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने विधानसभा सदन में थूक दिया, जो विधानसभा के कैमरों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
खबर के अनुसार, इस घटना को किसी विधायक ने उठाया तो सदन में थूकने को लेकर बड़ा विवाद हो सकता है, क्योंकि यह सदन की गरिमा और शिष्टाचार के खिलाफ माना जाता है। अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी या कार्रवाई की सूचना नहीं है, लेकिन यह घटना सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में तेजी से फैल रही है।
स्पीकर ने निर्दलीय विधायक जीवाराम चौधरी को टोका
इसी प्रश्नकाल में एक अन्य घटना हुई, जब निर्दलीय विधायक जीवाराम चौधरी ने पूरक सवाल के बजाय लंबा ब्योरा देना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा:"जबसे सरकार आई है, हमारे किसानों को पानी मिल रहा है। कांग्रेस राज में तो 5 साल पानी नहीं मिला। हमारे यहां नहरी तंत्र में बारिश का ओवरफ्लो पानी बेकार जाता है।"
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने उन्हें बीच में टोकते हुए सख्त लहजे में कहा:"आप भाषण मत दीजिए। सवाल पूछिए।"जब विधायक ने अपना बयान जारी रखा तो स्पीकर ने दोहराया कि यह भाषण है, सवाल नहीं। इस पर जीवाराम चौधरी ने जवाब दिया:"आप इसे ही पूरक समझ लीजिए।"स्पीकर ने उन्हें याद दिलाया कि सदन में पूरक सवाल पूछने का समय है, न कि लंबे भाषण देने का।
अन्य हंगामा: नए जिलों-तहसीलों पर नोकझोंक
प्रश्नकाल में नए जिलों और तहसीलों के गठन पर भी तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक गीता बरवड़ ने आसोप उप-तहसील को तहसील में क्रमोन्नत करने का सवाल पूछा। राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने जवाब दिया कि ललित के पवार कमेटी की रिपोर्ट के बाद फैसला होगा।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसा:"नए जिले को खालेंगे क्या?"मंत्री ने पलटवार किया कि पिछली सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए बिना प्रक्रिया के जिले-तहसील बनाए, जबकि वर्तमान सरकार लोगों की भलाई के लिए कर रही है। जूली ने कहा:"आप बना नहीं सकते। आप तो तोड़ सकते हो।"इससे सदन में हंगामा हुआ, जिसे स्पीकर ने अगला सवाल पुकारकर शांत किया।
जल संसाधन मंत्री का बयान
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आने के बाद अच्छी बारिश हुई है, जिससे किसानों को फायदा मिल रहा है।