पाकिस्तानी प्रेमिका के प्रेम जाल में फंसकर 10वीं पास युवक बना अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का सरगना: हनुमानगढ़ पुलिस ने खोला बड़ा राज

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में 10वीं पास हरदीप सिंह को पाकिस्तानी युवती राबिया के प्रेम जाल में फंसाकर लाहौर से चल रहे साइबर ठगी गिरोह का भारतीय हैंडलर बनाया गया। उसने गांव वालों के बैंक खाते किराए पर लेकर करोड़ों (3.26 करोड़+) की ठगी में मदद की, जिसमें 14 राज्यों से 36 मामले जुड़े। पुलिस ने 1 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया; आरोपी पाकिस्तान जाने की तैयारी में था लेकिन ऑपरेशन सिंदूर से रुक गया।

Feb 8, 2026 - 15:52
पाकिस्तानी प्रेमिका के प्रेम जाल में फंसकर 10वीं पास युवक बना अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का सरगना: हनुमानगढ़ पुलिस ने खोला बड़ा राज

हनुमानगढ़, राजस्थान: एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला युवक प्रेम के नाम पर कैसे करोड़ों की साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा बन गया, यह कहानी चौंकाने वाली है। महज 10वीं पास हरदीप सिंह (29), जो हनुमानगढ़ जिले के डबली राठान गांव का निवासी है, पाकिस्तान की एक युवती राबिया के ऑनलाइन प्रेम में फंसकर लाहौर से संचालित साइबर ठगी मॉड्यूल का प्रमुख भारतीय हैंडलर बन गया। हनुमानगढ़ साइबर थाना पुलिस ने 1 फरवरी 2026 को उसे गिरफ्तार कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया है।

पृष्ठभूमि और परिवार

हरदीप सिंह का परिवार बेहद साधारण है। उसके पिता धान मंडी में पल्लेदारी का काम करते हैं और परिवार गांव में रहता है। हरदीप ने केवल 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की। कुछ समय से वह हनुमानगढ़ शहर में रह रहा था, जहां उसने साइबर दुनिया में कदम रखा। जांच में पता चला कि उसकी शिक्षा और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद वह पाकिस्तानी साइबर ठगों के साथ जुड़ गया।

प्रेम जाल और पाकिस्तानी कनेक्शन

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हरदीप का संपर्क पहले एक पाकिस्तानी युवती राबिया से हुआ। दोनों के बीच ऑनलाइन प्रेम संबंध विकसित हो गए। हरदीप इतना मोहित था कि वह राबिया से मिलने पाकिस्तान जाने की योजना बना रहा था। वह इसके लिए धर्म परिवर्तन तक करने को तैयार था। लेकिन मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान तनाव और ऑपरेशन सिंदूर (जिसमें भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे) के बाद बॉर्डर आवाजाही और वीजा प्रतिबंधों के कारण वह पाकिस्तान नहीं जा सका।

इस बीच राबिया ने ही हरदीप को लाहौर स्थित साइबर ठगों से जोड़ा। प्रेम के नाम पर शुरू हुआ संबंध जल्द ही अपराध में बदल गया। हरदीप अब पाकिस्तान से मिलने वाले निर्देशों पर काम करने लगा। लाहौर के मास्टरमाइंड से वह चैट करता था और भारत में ठगी का पैसा मैनेज करता था।

ठगी का तरीका: गांव वालों के खाते किराए पर

हरदीप का मुख्य रोल "मनी म्यूल" का था। वह अपने गांव डबली राठान और आसपास के इलाकों के लोगों से बहाने बनाकर बैंक अकाउंट किराए पर ले लेता था। कभी कहता कि उसका अकाउंट ब्लॉक हो गया है, तो कभी कोई पेमेंट आने वाली है। उसने पड़ोसी राजपाल सिंह (पैरालिसिस पीड़ित) को भी इसी बहाने फंसाया। राजपाल के दिव्यांग पेंशन खाते में ठगी का पैसा पहुंचा, जिससे मामला खुला।हरदीप ने अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच 100 से ज्यादा लोगों के बैंक अकाउंट जुटाए। इन खातों में ठगी का पैसा ट्रांसफर होता, फिर एटीएम से निकाला जाता या क्रिप्टो (जैसे USDT) में कन्वर्ट कर पाकिस्तान भेजा जाता। हरदीप को 10-20% कमीशन मिलता था।

खुलासा कैसे हुआ?

मामला तब सामने आया जब राजपाल सिंह का बैंक अकाउंट फ्रीज हो गया। उनके खाते में संदिग्ध रकम आई थी, जिससे जम्मू-कश्मीर (उधमपुर) और मध्य प्रदेश (देवास) पुलिस ने नोटिस जारी किए। तीन राज्यों (राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर) की साइबर पुलिस ने जांच बढ़ाई तो हरदीप का नाम सामने आया।

बरामदगी और आंकड़े

गिरफ्तारी के बाद 3 मोबाइल, सिम, एटीएम कार्ड और दस्तावेज बरामद।हरदीप के अकाउंट्स में 3 करोड़ 26 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन।14 राज्यों से जुड़ी 36 साइबर ठगी की शिकायतें।पुलिस ने "ऑपरेशन साइबर क्लीन" के तहत यह कार्रवाई की।

पुलिस की आशंका

पुलिस को शक है कि यह सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि पाकिस्तान का धर्मांतरण और साइबर ठगी का संयुक्त मॉड्यूल हो सकता है। जम्मू-कश्मीर से भी कनेक्शन मिला है। हरदीप को कोर्ट ने 6 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा था।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.