निवेश ऐप का जाल तीन साल में रकम दोगुनी करने का सपना दिखाकर 72 लाख से ज्यादा की ठगी.

जोधपुर में ऑनलाइन निवेश के नाम पर युवक से करीब 72 लाख 71 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने फर्जी निवेश ऐप डाउनलोड करवाकर तीन साल तक रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो बहाने बनते रहे। पीड़ित की शिकायत पर राजीव गांधी नगर थाने में मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।

Jan 15, 2026 - 19:07
निवेश ऐप का जाल तीन साल में रकम दोगुनी करने का सपना दिखाकर 72 लाख से ज्यादा की ठगी.

जोधपुर में ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक युवक से करीब 72 लाख 71 हजार रुपए की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पहले भरोसा जीता, फिर एक फर्जी निवेश ऐप डाउनलोड करवाकर तीन साल तक रकम दोगुनी करने का लालच देते हुए लगातार पैसे ऐंठते रहे। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तब उसने राजीव गांधी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

पूरा घटनाक्रम 

पीड़ित के अनुसार, उसकी पहचान कुछ लोगों से हुई जिन्होंने खुद को निवेश सलाहकार बताया। उन्होंने शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग में सुरक्षित निवेश का दावा करते हुए कहा कि उनका ऐप तेजी से मुनाफा देता है। शुरुआत में थोड़ी रकम लगवाई गई और ऐप पर मुनाफा दिखाया गया, जिससे पीड़ित का भरोसा और गहरा हो गया।

इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में लगातार पैसे निवेश करवाए। ऐप पर हर बार रकम बढ़ती हुई दिखाई जाती रही, लेकिन जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो बहाने बनाए गए। कभी टैक्स के नाम पर, कभी प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उससे और रकम मांगी जाती रही। इस तरह करीब तीन साल के दौरान कुल 72 लाख 71 हजार रुपए ठग लिए गए।

आखिरकार जब न तो पैसे वापस मिले और न ही आरोपियों से संपर्क हो पाया, तब पीड़ित को ठगी का पूरा अंदेशा हुआ। उसने सभी लेन-देन, ऐप से जुड़े स्क्रीनशॉट और कॉल डिटेल्स के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

राजीव गांधी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यह साइबर फ्रॉड और निवेश ठगी का गंभीर मामला है। आरोपियों की पहचान, ऐप की वैधता और बैंक खातों की जांच की जा रही है। जल्द ही ठगों तक पहुंचने के लिए साइबर सेल की मदद भी ली जाएगी।

 पुलिस की अपील:

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान ऐप या व्यक्ति के झांसे में आकर निवेश न करें। ऑनलाइन निवेश से पहले उसकी पूरी जानकारी और वैधता जरूर जांचें, ताकि ऐसे साइबर ठगों से बचा जा सके।