सोनम बांगचु की रिहाई को लेकर जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर समर्थकों का विरोध प्रदर्शन..
जोधपुर में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने सेंट्रल जेल जाने वाले रास्तों पर कड़ी बैरिकेडिंग कर दी। मोहनपुरा पुलिया से ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया गया और सुरक्षा कारणों से डिस्कॉम व CMHO कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग भी बंद कर दिए गए। इससे सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा तथा पुलिस व्यवस्था को लेकर लोगों ने सवाल भी उठाए।
जोधपुर में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। विभिन्न संगठनों द्वारा सेंट्रल जेल के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी दिए जाने के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग लगा दी गई।
मोहनपुरा पुलिया से ही रोका गया प्रदर्शनकारियों को
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मोहनपुरा पुलिया के पास से ही सेंट्रल जेल की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया। अलग-अलग क्षेत्रों से प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे लोगों को वहीं रोक दिया गया। पुलिस का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को जेल परिसर तक पहुंचने से पहले ही नियंत्रित करना था, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
डिस्कॉम और CMHO कार्यालय के रास्ते भी किए बंद
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने केवल जेल मार्ग ही नहीं, बल्कि डिस्कॉम कार्यालय और CMHO ऑफिस की ओर जाने वाले रास्तों पर भी बैरिकेडिंग लगा दी। इसके कारण वहां काम से आने वाले आम नागरिकों, कर्मचारियों और अधिकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगर निगम, डिस्कॉम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई कार्मिक भी रास्ते बंद होने के कारण समय पर कार्यालय नहीं पहुंच सके। कुछ लोग बीच रास्ते में ही फंस गए और उन्हें वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़े।
लोगों ने उठाए पुलिस व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन सेंट्रल जेल के बाहर प्रस्तावित था, फिर भी आसपास के सरकारी कार्यालयों के रास्ते बंद कर दिए गए, जिससे आम जनता अनावश्यक रूप से प्रभावित हुई। लोगों का कहना था कि प्रशासन को ऐसा प्रबंधन करना चाहिए था जिससे सुरक्षा भी बनी रहे और आम लोगों की आवाजाही भी बाधित न हो।
पुलिस की दलील – कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संभावित भीड़ और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए एहतियातन कदम उठाए गए। प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और यातायात नियंत्रण के लिए अस्थायी रूप से मार्ग बंद किए गए थे।
शहर में दिनभर रही हलचल
प्रदर्शन की चेतावनी के चलते पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा और आने-जाने वालों पर निगरानी रखी गई। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के कारण यातायात प्रभावित रहा और आम लोगों को दिनभर असुविधा झेलनी पड़ी।
प्रदर्शन से पहले की गई सख्त पुलिस कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था तो नियंत्रित रखी, लेकिन इसके चलते सरकारी दफ्तरों में कामकाज और आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित होती दिखाई दी।