बाड़मेर के आडेल गांव में अंबेडकर प्रतिमा टूटने से बवाल, प्रदर्शन और धरना; हादसा या साजिश पर सस्पेंस
बाड़मेर के आडेल गांव में अंबेडकर प्रतिमा टूटने से बवाल मच गया है। ग्रामीणों में आक्रोश है और प्रदर्शन जारी है। सवाल यही है—हादसा या साजिश? जांच से ही सच सामने आएगा।
बाड़मेर जिले के आडेल गांव में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब सर्किल पर लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा और रैलिंग टूटकर नीचे गिरी हुई पाई गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और स्थिति को देखते ही आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तुरंत दोषियों की गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी। देखते ही देखते मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने सर्किल पर ही टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई।
सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाड़मेर एसपी, एएसपी और डीएसपी भी मौके पर पहुंचे और हालात को शांत कराने में जुट गए।
करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद माहौल को काफी हद तक नियंत्रित किया गया। इसके बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि किसी वाहन की टक्कर से सर्किल और प्रतिमा को नुकसान पहुंचा हो सकता है, लेकिन पुलिस इस एंगल के साथ-साथ अन्य संभावनाओं की भी जांच कर रही है।
स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक कमेटी गठित की है, जिसमें तहसीलदार और बीडीओ शामिल हैं। यह कमेटी सर्किल के पुनर्निर्माण और नई प्रतिमा लगाने की जिम्मेदारी देखेगी।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हो गए और धरना समाप्त कर दिया गया, जिसके बाद इलाके में शांति बहाल हो गई। हालांकि सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है—क्या यह सिर्फ एक हादसा था या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश छुपी है? इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।