भीषण गर्मी से बचने का अजीब जुगाड़ पड़ा भारी, ढोल में फंसा किसान का सिर..
अलवर के अकबरपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी से बचने के लिए किसान कालूराम ने दूध के खाली ढोल को सिर पर डाल लिया, लेकिन उसका सिर उसमें फंस गया। साथियों ने पहले मजाक किया, फिर उसे बाइक से मिस्त्री के पास ले गए, जहां ढोल काटकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई।
राजस्थान में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है। अलवर जिले के अकबरपुर क्षेत्र में तो हालात ऐसे हैं कि दोपहर की तेज धूप में निकलना मानो आग के बीच चलने जैसा हो गया है। इसी तपती गर्मी से बचने के लिए एक किसान ने ऐसा जुगाड़ अपनाया, जो बाद में उसके लिए मुसीबत बन गया।
धूप से बचने के लिए लगाया अनोखा दिमाग
अकबरपुर के माधोगढ़ इलाके के किसान कालूराम खेत में काम कर रहे थे। तेज धूप से परेशान होकर वे राहत का कोई उपाय सोच रहे थे। तभी उनकी नजर पास में पड़े दूध के खाली ढोल पर गई। उन्हें लगा कि ढोल के अंदर ठंडक होगी, जिससे धूप से बचा जा सकता है।
इसी सोच के साथ कालूराम ने ढोल को सिर पर डाल लिया, लेकिन यह फैसला जल्द ही उल्टा पड़ गया।
जुगाड़ बना मुसीबत, सिर ढोल में फंसा
ढोल सिर पर डालते ही कालूराम का सिर उसमें फंस गया। काफी कोशिशों के बावजूद वे उसे बाहर नहीं निकाल पाए। स्थिति ऐसी बन गई कि न तो ढोल हट रहा था और न ही कोई आसान उपाय सूझ रहा था।
शुरुआत में साथियों ने यह नजारा देखा तो हंसी नहीं रोक पाए और मजाक में उन्हें “ढोल वाला बाबा” कहकर चिढ़ाने लगे। लेकिन जल्द ही सभी को स्थिति की गंभीरता समझ में आ गई।
10 किलो का ढोल बना बोझ
ढोल का वजन करीब 10 किलो बताया जा रहा है, जिससे कालूराम को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी से बचने की कोशिश अब उनके लिए और बड़ी दिक्कत बन चुकी थी।
मिस्त्री बना ‘डॉक्टर’, ऐसे हुआ रेस्क्यू
आखिरकार साथियों ने समझदारी दिखाते हुए कालूराम को उसी हालत में बाइक पर बैठाकर पास के मिस्त्री के पास पहुंचाया। वहां मिस्त्री ने बड़ी सावधानी से ढोल को काटने का काम शुरू किया।
पूरी प्रक्रिया किसी ऑपरेशन से कम नहीं थी। काफी मेहनत के बाद ढोल को काटकर कालूराम का सिर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
गांव में बना चर्चा का विषय
इस अजीबो-गरीब घटना के बाद पूरा मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इसे लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
सावधानी जरूरी
भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग कई तरह के उपाय अपनाते हैं, लेकिन यह घटना सिखाती है कि किसी भी जुगाड़ को अपनाने से पहले उसकी सुरक्षा और जोखिम के बारे में जरूर सोचना चाहिए।