नए साल के जश्न से पहले शराब की दुकानों पर उमड़ी भारी भीड़
देश भर में नए साल 2026 के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। शराब की दुकानों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां लोग घरेलू पार्टियों और जश्न के लिए शराब का स्टॉक कर रहे हैं। कई शहरों में दुकानें देर रात तक खुली हैं, जबकि पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए हैं।
नई दिल्ली/लखनऊ/हैदराबाद, 31 दिसंबर 2025: जैसे-जैसे साल 2025 विदा ले रहा है और 2026 का स्वागत होने वाला है, देश भर में नए साल के जश्न की तैयारियां जोरों पर हैं। इस उत्साह का एक बड़ा हिस्सा शराब की दुकानों पर दिखाई दे रहा है, जहां लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। दिसंबर के आखिरी हफ्ते में बाजारों में रौनक बढ़ गई है और शराब की दुकानों के बाहर जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। लोग घरेलू पार्टियों, क्लबों और दोस्तों के साथ जश्न मनाने के लिए पहले से ही शराब का स्टॉक कर रहे हैं।
देश के कई शहरों में शराब की दुकानों के बाहर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। दिल्ली के कनॉट प्लेस, नोएडा, गुरुग्राम से लेकर हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता तक, हर जगह शराब प्रेमी लाइन में लगकर अपनी पसंदीदा ब्रांड की बोतलें खरीद रहे हैं। कई जगहों पर दुकानों को देर रात तक खोलने की विशेष अनुमति दी गई है, ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में दुकानों के समय को बढ़ाया गया है, जिससे लोग आसानी से खरीदारी कर सकें।
यह भीड़ इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि 31 दिसंबर को अधिकांश राज्यों में 'ड्राई डे' नहीं है। क्रिसमस के आसपास कुछ दिनों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध रहा, लेकिन नए साल की पूर्व संध्या पर कोई पाबंदी नहीं होने से लोग जमकर स्टॉक कर रहे हैं। लोग न सिर्फ बीयर और व्हिस्की, बल्कि प्रीमियम ब्रांड्स और विदेशी शराब भी खरीद रहे हैं। घर पर पार्टी करने वालों की संख्या बढ़ने से चकना जैसे आलू भुजिया, चिप्स और अन्य स्नैक्स की डिमांड भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ गई है।
हालांकि, इस उत्साह के बीच पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। कई शहरों में शराब पीकर वाहन चलाने, हुड़दंग मचाने या सार्वजनिक जगहों पर अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा में हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि ट्रैफिक डायवर्जन और चेकिंग पॉइंट्स लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जश्न मनाएं, लेकिन कानून का पालन करें, ताकि नए साल की शुरुआत सुरक्षित और खुशहाल हो।नए साल का जश्न हर किसी के लिए अलग-अलग होता है – कोई घर पर परिवार के साथ मनाता है, तो कोई क्लबों में। लेकिन शराब की दुकानों पर यह भीड़ बताती है कि पार्टी का मूड पूरे देश में बना हुआ है। जैसे ही घड़ी 12 बजेगी, आतिशबाजी और जाम छलकेंगे, और 2026 का स्वागत होगा।