सीकर के खाटूश्यामजी में मंदिर मार्ग बंद करने का विवाद गहराया: पुजारी-सेवक महासंघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, आंदोलन की चेतावनी

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी मंदिर के एक प्रमुख मार्ग को प्रशासन द्वारा जेसीबी से बंद करने के फैसले का पुजारी-सेवक महासंघ ने कड़ा विरोध किया है। महासंघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वर्षों पुराने इस रास्ते को तुरंत खोलने और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि इससे लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन में भारी असुविधा हो रही है।

Dec 30, 2025 - 16:59
सीकर के खाटूश्यामजी में मंदिर मार्ग बंद करने का विवाद गहराया: पुजारी-सेवक महासंघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, आंदोलन की चेतावनी

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हर साल लाखों भक्त बाबा श्याम के दर्शन के लिए आते हैं, खासकर एकादशी, मेले और नए साल के मौके पर भीड़ अभूतपूर्व होती है। लेकिन हाल ही में मंदिर जाने वाले एक प्रमुख मार्ग को बंद करने के प्रशासनिक फैसले ने विवाद को जन्म दे दिया है, जिससे स्थानीय पुजारी और सेवक आक्रोशित हैं।

विवाद की जड़: वर्षों पुराना मार्ग अचानक बंद 29 दिसंबर 2025 को खाटूश्यामजी के एसडीएम मोनिका सामोर और नगर पालिका के ईओ ओमप्रकाश ने खसरा नंबर 2481 पर स्थित एक मार्ग को आम रास्ता मानते हुए बंद कराने की कार्रवाई की। पुजारी-सेवक महासंघ (रजि.) का दावा है कि यह रास्ता दशकों से श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर पहुंचने के लिए उपयोग किया जा रहा है। यह मार्ग बाबा खाटूश्यामजी के दर्शनार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे लाखों भक्तों की सुविधा होती थी।महासंघ के अनुसार, प्रशासन ने बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए और बिना पूर्व सूचना दिए मौके पर जेसीबी मशीन लगाकर रास्ते को पूरी तरह बंद करा दिया। इससे न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से मेले या त्योहारों के दौरान जब श्रद्धालुओं की संख्या करोड़ों में पहुंच जाती है, ऐसे में वैकल्पिक रास्तों पर दबाव बढ़ जाएगा।

पुजारी-सेवक महासंघ का कड़ा विरोध और मुख्यमंत्री को पत्र पुजारी-सेवक महासंघ ने इस कार्रवाई को श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ बताते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री को सीधे पत्र लिखा है। पत्र में महासंघ ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं:रास्ता बंद करने की कार्रवाई न्यायालय में लंबित मामले के बावजूद की गई, जो कानूनी रूप से गलत है।यह मार्ग आस्था से जुड़ा हुआ है और इसका बंद होना लाखों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।अधिकारियों ने मनमाने ढंग से जेसीबी का इस्तेमाल कर रास्ता अवरुद्ध किया।

महासंघ ने मांग की है कि: नगर पालिका खाटूश्यामजी, एसडीएम और ईओ के इस कदम के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।बंद किए गए मंदिर मार्ग को फौरन खुलवाया जाए।भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले श्रद्धालुओं और स्थानीय संगठनों से विचार-विमर्श किया जाए।

आंदोलन की चेतावनी: यदि नहीं हुई कार्रवाई तो बड़ा प्रदर्शन महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया और रास्ता नहीं खोला गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। इसमें पुजारी, सेवक और स्थानीय श्रद्धालु बड़े स्तर पर शामिल हो सकते हैं, जो खाटूश्यामजी जैसे धार्मिक स्थल पर प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।

पृष्ठभूमि: खाटूश्यामजी की धार्मिक महत्ता खाटूश्यामजी मंदिर बाबा श्याम (बारबरीक) को समर्पित है, जो कलियुग में भक्तों के संकट मोचन माने जाते हैं। यहां फाल्गुन मेला, एकादशी और नए साल पर अपार भीड़ उमड़ती है। हाल के दिनों में भीड़ प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई बदलाव किए गए हैं, जैसे नो-व्हीकल जोन, VIP दर्शन पर अस्थायी प्रतिबंध आदि। लेकिन यह रास्ता विवाद आस्था और प्रशासनिक निर्णयों के टकराव को उजागर करता है।यह मामला न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन सकता है, क्योंकि खाटूश्यामजी की लोकप्रियता देशभर में है। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही कोई समझौता हो जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की सुविधा बनी रहे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.