नागौर में सरकारी जमीनों के अवैध पट्टों पर सख्ती: मंत्री झाबर सिंह खर्रा बोले- ताजमहल-लालकिले की भी रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं, अवैध कब्जेदारों पर होगी FIR
राजस्थान के स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने नागौर में सरकारी जमीनों पर अवैध पट्टे बांटने के मामले में सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री से सरकार को राजस्व मिलता है और ताजमहल-लालकिले जैसी ऐतिहासिक संपत्तियों की भी रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। जांच पूरी होने पर अवैध पट्टे निरस्त किए जाएंगे तथा दोषी अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों के खिलाफ FIR दर्ज होगी। उन्होंने मतदाताओं को भी भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार ठहराया और योग्य उम्मीदवार चुनने की सलाह दी। आवासन मंडल की जमीन से अतिक्रमण हटवाया गया है।
नागौर। राजस्थान के स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने नागौर में सरकारी जमीनों पर अवैध पट्टे बांटने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रजिस्ट्री से सरकार को राजस्व प्राप्त होता है और भारत जैसे देश में ताजमहल से लेकर लाल किले तक की संपत्तियों की रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। ऐसे में अवैध पट्टे बांटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद सभी अवैध पट्टे निरस्त कर दिए जाएंगे और दोषी अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा रविवार को एक दिवसीय दौरे पर नागौर पहुंचे थे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने नागौर नगर परिषद की जमीनों पर हुए अवैध कब्जे और पट्टों के मामले पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री एक वैध प्रक्रिया है, जिससे सरकार को राजस्व मिलता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "भारत एक ऐसा देश है, जहां ताजमहल से लेकर लाल किले तक की रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं।" यह बयान अवैध पट्टों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को रेखांकित करता है, जहां केवल वैध रजिस्ट्री को मान्यता दी जाती है, न कि फर्जी या अनियमित पट्टों को।
मंत्री ने आगे बताया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें अवैध पट्टे निरस्त करने के अलावा दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर FIR दर्ज कराना शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह के कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नगर परिषद के विकास पर मतदाताओं की जिम्मेदारी
मंत्री खर्रा ने नगर परिषद नागौर के 5 साल के कार्यकाल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस दौरान अपनाई गई कार्यप्रणाली ने शहर के विकास को भारी नुकसान पहुंचाया है। आज नगर परिषद की जो स्थिति है, उसके लिए कहीं न कहीं मतदाता भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने ही इन जनप्रतिनिधियों को चुना था।उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सुधार चाहिए, तो आने वाले चुनावों में सही और योग्य उम्मीदवारों का चयन बेहद जरूरी है। मतदाताओं को जिम्मेदारी से काम लेना होगा ताकि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर रोक लग सके।
आवासन मंडल की जमीन से अतिक्रमण हटवाया
मंत्री ने राजस्थान आवासन मंडल की भूमि पर हुए अतिक्रमण का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बोर्ड की एक बैठक में संसाधनों की बंदरबांट का प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन सरकार के निर्देश पर स्वायत्त शासन विभाग ने सभी प्रस्तावों को निरस्त कर दिया। इसके बाद तारबंदी कर अतिक्रमण करने की शिकायत मिली, जिसे प्रशासन ने तुरंत हटवा दिया।इसके अलावा गलत तरीके से जारी किए गए पट्टों की जांच चल रही है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होते ही अवैध पट्टे निरस्त किए जाएंगे और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें FIR दर्ज कराना भी शामिल है।